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CM भगवंत मान बोले- अब ED-CBI की रेड करवाएंगे, आरोप लगाएंगे; बंगाल से चुनाव जीतने का तरीका सीख लिया है

3 नवंबर 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई तेज हो सकती है। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करती है और पश्चिम बंगाल सहित दूसरे राज्यों में भी ऐसा देखने को मिला है।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी पंजाब में उनके कैंप कार्यालय सहित कई स्थानों पर CBI की तलाशी और उनके करीबी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में जांच के बीच आई थी। मान ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया, जबकि जांच एजेंसी की कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद हुई थी।

चुनाव से पहले एजेंसियों की कार्रवाई का आरोप

भगवंत मान ने कहा कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले होते हैं, वहां चुनाव से कुछ महीने पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई शुरू हो जाती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबियों के खिलाफ चुनाव से पहले ED की कार्रवाई की गई थी।

मान ने कहा कि भाजपा ने बंगाल से चुनाव जीतने का यह तरीका सीख लिया है और अब पंजाब में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में उनके और उनकी सरकार के खिलाफ आरोप लगाए जाएंगे तथा जांच एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश होगी।

CM के कैंप कार्यालय पर भी हुई थी CBI की तलाशी

अक्टूबर 2026 में CBI ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप कार्यालय सहित आठ स्थानों पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और पांच अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले से जुड़ी थी।

जांच एजेंसी ने कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों के तबादलों, पोस्टिंग और अन्य प्रशासनिक फैसलों में अनुचित लाभ लेने से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की थी। तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया था।

यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से साझा की गई जांच सामग्री के बाद CBI तक पहुंचा था। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और अभी किसी आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं हुआ है।

मान बोले- जांच से भाग नहीं रही सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार किसी भी जांच से पीछे नहीं हटेगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संबंधित लोगों को उचित माध्यम से समन मिलता है तो वे जांच में शामिल होंगे।

मान ने दावा किया कि CBI की तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। उन्होंने भाजपा पर अपनी सरकार और पार्टी की छवि खराब करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि कई पुराने मामले वर्षों तक लंबित रहते हैं, लेकिन चुनाव से पहले कुछ मामलों में जांच इतनी तेजी से क्यों आगे बढ़ती है।

भाजपा और जांच एजेंसियों की भूमिका पर सियासी बहस

भगवंत मान के आरोपों के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता और उनकी कार्रवाई के समय को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई। विपक्षी दलों की ओर से पहले भी आरोप लगाए जाते रहे हैं कि केंद्र सरकार ED और CBI का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ करती है। वहीं, केंद्र सरकार और भाजपा ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए जांच एजेंसियों की स्वतंत्र कार्यप्रणाली का पक्ष रखती रही हैं।

इस मामले में CBI की जांच हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू हुई है। इसलिए मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोपों और जांच एजेंसी की कानूनी कार्रवाई को अलग-अलग तथ्यों के रूप में देखना जरूरी है।

पंजाब चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक बयानबाजी

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। भगवंत मान ने संकेत दिया कि आने वाले समय में उनकी सरकार और पार्टी के खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं।

फिलहाल, मुख्यमंत्री के बयान ने पंजाब में केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में CBI जांच की प्रगति और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।

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