2 नवंबर 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर एक बार फिर निशाना साधा है। सोमवार, 2 नवंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए राजभर ने अखिलेश को राहुल गांधी का झंडा उठाना बंद करने की सलाह दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी रैली के बाद थाईलैंड, वियतनाम या मंगोलिया चले जाएंगे, जबकि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य से बातचीत करनी पड़ेगी।
‘बड़के भइया का झंडा उठाना बंद करिए’
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में राहुल गांधी को अखिलेश यादव का ‘बड़के भइया’ बताते हुए कहा कि सपा प्रमुख को अब दबकर राजनीति नहीं करनी चाहिए और गठबंधन को लेकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
राजभर ने लिखा कि राहुल गांधी रैली के बाद विदेश यात्रा पर चले जाएंगे, लेकिन अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश ने स्वामी प्रसाद मौर्य को सम्मान दिया, लेकिन अब वही मौर्य राहुल गांधी के साथ तस्वीरें साझा कर सपा प्रमुख को राजनीतिक रूप से चुनौती दे रहे हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर भी कसा तंज
राजभर के बयान में स्वामी प्रसाद मौर्य का मुद्दा भी प्रमुखता से रहा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अब मौर्य के साथ सीटों के बंटवारे और गठबंधन से जुड़े सवालों पर बातचीत करनी पड़ सकती है।
दरअसल, स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया। मौर्य ने INDIA गठबंधन में अपनी भूमिका को लेकर भी बयान दिए हैं।
वहीं, अखिलेश यादव ने कहा था कि स्वामी प्रसाद मौर्य INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं और समाजवादी पार्टी की सीटों में उनकी कोई हिस्सेदारी नहीं होगी। इसी बयान के बाद गठबंधन में मौर्य की संभावित भूमिका को लेकर चर्चा तेज हुई है।
अखिलेश को बताया ‘फुस्स पटाखा’
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ता किसी बड़े राजनीतिक कदम का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव ने अब तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
राजभर ने अखिलेश को ‘फुस्स पटाखा’ बताते हुए कहा कि उन्हें सीटों के बंटवारे और कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अपना पक्ष साफ करना चाहिए। उन्होंने सपा प्रमुख से दिल्ली के चक्कर लगाने के बजाय राजनीतिक फैसलों पर स्पष्टता दिखाने की बात कही।
2027 के चुनाव से पहले गठबंधन पर बढ़ी चर्चा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। दोनों दलों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था। अब विधानसभा चुनाव में सीटों की संख्या और सहयोगी दलों की भूमिका महत्वपूर्ण मुद्दे बन सकते हैं।
कांग्रेस की ओर से अधिक सीटों की मांग की खबरों और स्वामी प्रसाद मौर्य की INDIA गठबंधन में संभावित भूमिका को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। अखिलेश यादव ने सीटों के बंटवारे में उम्मीदवारों की जीत की संभावना को महत्वपूर्ण आधार बताया है।
राजभर के बयान पर सपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
ओम प्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका ताजा बयान भी इसी राजनीतिक खींचतान का हिस्सा है। फिलहाल, इस पोस्ट पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आने वाले दिनों में सीटों के बंटवारे और स्वामी प्रसाद मौर्य की भूमिका को लेकर दोनों दलों का रुख उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।
