2 नवंबर 2026 : पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में कथित हमले में गंभीर रूप से घायल हुई छह वर्षीय बच्ची का इलाज अब PGIMER चंडीगढ़ में पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने रविवार को अस्पताल पहुंचकर बच्ची से मुलाकात की और उसकी सेहत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि बच्ची के इलाज का पूरा खर्च संस्थान उठाएगा और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
निदेशक ने डॉक्टरों से ली बच्ची की सेहत की जानकारी
प्रोफेसर विवेक लाल ने बच्ची का उपचार कर रहे डॉक्टरों से बातचीत की और उसकी मेडिकल स्थिति तथा रिकवरी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि PGIMER की जिम्मेदारी केवल इलाज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में मरीजों और उनके परिवारों के साथ खड़ा रहना भी संस्थान का दायित्व है।
निदेशक ने निर्देश दिया कि बच्ची के इलाज पर होने वाला पूरा खर्च PGIMER वहन करेगा। अस्पताल ने बच्ची को निजी कमरा भी उपलब्ध कराया है, ताकि उपचार के दौरान उसकी सुविधा, निजता और उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही उपचार
बच्ची फिलहाल PGIMER में विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहुविषयक टीम की निगरानी में है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
संस्थान की ओर से परिवार को आश्वासन दिया गया है कि बच्ची के उपचार और देखभाल के दौरान हर जरूरी मदद जारी रहेगी। निदेशक भी इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे।
28 अक्टूबर को पंचकूला के स्कूल में हुई थी घटना
यह मामला 28 अक्टूबर 2026 को पंचकूला के एक सरकारी स्कूल में हुई घटना से जुड़ा है। आरोप है कि कक्षा के अंदर आठ वर्षीय एक बालक ने छह वर्षीय बच्ची पर हमला किया था। बच्ची को गंभीर चोटें आई थीं और उसे बेहतर उपचार के लिए PGIMER चंडीगढ़ रेफर किया गया था।
घटना के बाद बच्ची को विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी। उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों की टीम लगातार उसका उपचार कर रही है।
परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा
PGIMER निदेशक ने परिवार को भरोसा दिलाया कि बच्ची के इलाज में किसी तरह की आर्थिक परेशानी नहीं आने दी जाएगी। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि चिकित्सा खर्च से लेकर जरूरी सुविधाओं तक की जिम्मेदारी PGIMER उठाएगा।
इस फैसले से परिवार को उपचार के खर्च की चिंता से राहत मिलेगी। फिलहाल बच्ची का इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में जारी है और उसकी सेहत में सुधार के लिए सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
