31 अक्तूबर 2026: दिल्ली में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए शुरू की गई सब्सिडी योजना को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। योजना के तहत 1.15 लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं और यह निर्धारित सीमा के आधे से आगे निकल गई है। हालांकि, बड़ी संख्या में आवेदन आने के बावजूद राजधानी में अभी तक घरों का भौतिक सर्वे और सोलर पैनल लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है।
दिल्ली सरकार के सोलर पोर्टल पर 31 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, योजना के तहत कुल 1,15,932 आवेदन दर्ज किए गए हैं। यह पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर तय 2.20 लाख पात्र बिजली उपभोक्ताओं की सीमा का करीब 52.7 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि योजना की निर्धारित आवेदन सीमा का आधे से अधिक हिस्सा भर चुका है।
2.20 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा योजना का लाभ
दिल्ली की संशोधित सोलर योजना के तहत पहले 2.20 लाख पात्र उपभोक्ताओं को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लाभ देने का प्रावधान है। सरकारी पोर्टल पर योजना की अंतिम तारीख 28 फरवरी 2027 बताई गई है।
आवेदन शुरू होने के बाद लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ी है। हालांकि, आवेदन दर्ज कराने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित घर में सोलर पैनल लग चुका है या उपभोक्ता को सब्सिडी मिल गई है। आवेदन के बाद तकनीकी प्रक्रिया और इंस्टॉलेशन के कई चरण पूरे होने बाकी हैं।
तीन बिजली कंपनियों के क्षेत्रों से मिले आवेदन
दिल्ली सोलर पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग बिजली वितरण कंपनियों के क्षेत्रों से आवेदन मिले हैं। बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) के क्षेत्र से 45,117 आवेदन दर्ज हुए हैं। बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के क्षेत्र से 35,740 और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के क्षेत्र से 35,271 आवेदन आए हैं।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में घरेलू उपभोक्ता रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने में रुचि दिखा रहे हैं। TPDDL के क्षेत्रों में बवाना से सबसे अधिक आवेदन दर्ज किए गए हैं।
वेंडर चयन और सर्वे का इंतजार
योजना के क्रियान्वयन में फिलहाल सबसे बड़ी बाधा वेंडर चयन की प्रक्रिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सोलर पैनल लगाने वाली एजेंसियों के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह आगे नहीं बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार, टेंडर जल्द जारी किए जाने की तैयारी है।
वेंडरों का चयन होने के बाद आवेदकों के घरों और छतों का भौतिक सर्वे किया जाएगा। इसके बाद पात्रता और तकनीकी जरूरतों के अनुसार इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। यानी फिलहाल योजना के तहत दर्ज आवेदन संभावित मांग को दिखाते हैं, न कि लगाए जा चुके सोलर सिस्टम की संख्या को।
केंद्र और दिल्ली सरकार से मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसके अलावा दिल्ली सरकार की ओर से भी पात्रता और निर्धारित शर्तों के अनुसार अधिकतम 78,000 रुपये तक की राज्य पूंजी सब्सिडी का प्रावधान है। इस तरह पात्र उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर अधिकतम 1.56 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
सब्सिडी की वास्तविक राशि सोलर सिस्टम की क्षमता और योजना के नियमों पर निर्भर करेगी। इसका उद्देश्य घरों में सोलर पैनल लगाने की शुरुआती लागत कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
आवेदन के बाद काम शुरू होना अहम
योजना में आवेदन आधे से अधिक निर्धारित सीमा तक पहुंचना लोगों की रुचि को दर्शाता है, लेकिन इसका वास्तविक असर तभी दिखाई देगा जब वेंडर चयन, सर्वे और इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल आवेदकों की नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां जमीनी स्तर पर काम कब शुरू करती हैं।
दिल्ली में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लक्ष्य के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आवेदन को वास्तविक इंस्टॉलेशन में बदलने की है।
