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GST रिफंड में देरी से उद्योगों की बढ़ी परेशानी, मोहाली के कारोबारियों ने जल्द भुगतान की मांग उठाई

31 अक्तूबर 2026:  मोहाली के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) रिफंड मिलने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया है। उद्योग जगत का कहना है कि रिफंड समय पर नहीं मिलने से कारोबार की नकदी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस कारण कंपनियों को अपने रोजमर्रा के खर्च, कच्चे माल की खरीद और अन्य व्यावसायिक जरूरतों को पूरा करने में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

GST व्यवस्था के तहत पात्र कारोबारियों को निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार रिफंड मिलना होता है। विशेष रूप से निर्यात और इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामलों में रिफंड की प्रक्रिया उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण होती है।

रिफंड में देरी से नकदी प्रवाह पर असर

औद्योगिक इकाइयों के लिए कारोबार चलाने के दौरान नियमित रूप से पूंजी की जरूरत होती है। कच्चा माल खरीदने, कर्मचारियों को वेतन देने, बिजली बिल और परिवहन जैसे खर्चों का भुगतान समय पर करना पड़ता है।

कारोबारियों के अनुसार, जब पात्र GST रिफंड लंबे समय तक लंबित रहते हैं, तो कंपनियों की कार्यशील पूंजी का एक हिस्सा अटक जाता है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों पर अपेक्षाकृत अधिक दबाव पड़ सकता है, क्योंकि उनके पास बड़ी कंपनियों की तुलना में सीमित वित्तीय संसाधन होते हैं।

MSME इकाइयों के सामने बढ़ सकती हैं मुश्किलें

मोहाली में कई छोटे और मध्यम उद्योग अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। ऐसे कारोबारियों के लिए समय पर भुगतान और नकदी का उपलब्ध रहना कारोबार की निरंतरता के लिहाज से अहम है।

GST रिफंड में देरी होने पर उन्हें बैंक से अतिरिक्त वित्तीय सहायता लेने या दूसरे खर्चों को सीमित करने की जरूरत पड़ सकती है। इससे उत्पादन और कारोबारी योजनाओं पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।

उद्योग जगत ने प्रक्रिया तेज करने की मांग उठाई

कारोबारियों का कहना है कि GST रिफंड से जुड़े आवेदनों का समयबद्ध निपटारा होना चाहिए। लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट करने और दस्तावेजों की जांच में लगने वाला समय कम करने से उद्योगों को राहत मिल सकती है।

उद्योग प्रतिनिधियों की ओर से यह भी अपेक्षा की जाती है कि जिन आवेदनों में सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनका भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए। इससे कारोबारियों को वित्तीय योजना बनाने और उत्पादन संबंधी गतिविधियां जारी रखने में मदद मिलेगी।

समय पर रिफंड से उद्योगों को मिल सकती है राहत

GST रिफंड की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है। लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा होने से कंपनियों की कार्यशील पूंजी उपलब्ध हो सकती है और कारोबार से जुड़ी अनिश्चितता कम हो सकती है।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में लंबित GST रिफंड की कुल राशि, प्रभावित औद्योगिक इकाइयों की संख्या और देरी की अवधि का विस्तृत आंकड़ा सामने नहीं आया है। इन जानकारियों के स्पष्ट होने से मोहाली के उद्योगों पर पड़ रहे वास्तविक आर्थिक प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

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