30 अक्तूबर 2026: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विभिन्न सरकारी विभागों को आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर लाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागों से कहा है कि इस संबंध में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाभ मिल सके।
विभागों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने संबंधित विभागों को आउटसोर्स कर्मचारियों के मामलों की समीक्षा करने और जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उनका जोर इस बात पर है कि कर्मचारियों के कॉन्ट्रैक्ट पर बदलाव से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो।
विभागों को अपने यहां कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति, पात्रता और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया है।
लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को मिल सकती है राहत
सरकारी विभागों में कई कर्मचारी आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से अलग-अलग पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से सेवा की शर्तों और रोजगार की स्थिरता को लेकर मांगें उठाई जाती रही हैं।
आउटसोर्स व्यवस्था से संविदा आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव होने पर पात्र कर्मचारियों को रोजगार से जुड़ी शर्तों में कुछ स्थिरता मिल सकती है। हालांकि, इसका लाभ किन कर्मचारियों को मिलेगा, यह सरकार की निर्धारित नीति और पात्रता संबंधी नियमों पर निर्भर करेगा।
वित्त विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण
इस पूरी प्रक्रिया में वित्त विभाग की भूमिका अहम है, क्योंकि कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों पर वित्तीय मंजूरी और विभागीय औपचारिकताएं भी पूरी करनी होती हैं। संबंधित विभागों को इन पहलुओं पर समन्वय बनाकर काम करने और लंबित मामलों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
अंतिम निर्णय नियमों के अनुसार होगा
आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाने का अर्थ अपने आप नियमित सरकारी कर्मचारी बन जाना नहीं है। कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा शर्तें और मिलने वाले लाभ संबंधित सरकारी आदेशों तथा लागू नियमों के आधार पर तय होंगे।
अब संबंधित विभागों की ओर से प्रक्रिया में कितनी तेजी लाई जाती है और कितने कर्मचारियों के मामले आगे बढ़ते हैं, इस पर नजर रहेगी।
