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लुधियाना में एक ही दिन में पराली जलाने की 4 घटनाएं दर्ज, डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए

30 अक्तूबर 2026: पंजाब के लुधियाना जिले में पराली जलाने की घटनाएं फिर सामने आई हैं। एक ही दिन में खेतों में पराली जलाने के चार मामले दर्ज किए गए हैं। घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डिप्टी कमिश्नर (DC) ने संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एक दिन में सामने आए पराली जलाने के चार मामले

लुधियाना जिले में एक दिन के भीतर पराली जलाने की चार घटनाएं दर्ज होने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। धान की कटाई के बाद खेतों में बची पराली का निपटारा किसानों के सामने एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कुछ किसान फसल अवशेषों को जल्दी हटाने के लिए उन्हें खेतों में जला देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में धुआं और वायु प्रदूषण बढ़ता है।

प्रशासन की ओर से खेतों में आग लगाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

DC ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में खेतों का निरीक्षण करने और आग लगने की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का जोर केवल कार्रवाई करने पर ही नहीं, बल्कि किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक तरीकों के बारे में जागरूक करने पर भी है। अधिकारियों को किसानों के साथ संपर्क बनाए रखने और उपलब्ध कृषि मशीनरी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है।

पराली जलाने से बढ़ता है वायु प्रदूषण

खेतों में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वातावरण में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ाता है। इससे आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। धुएं के संपर्क में आने से सांस संबंधी परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

इसके अलावा, फसल अवशेष जलाने से मिट्टी में मौजूद उपयोगी सूक्ष्मजीवों और पोषक तत्वों को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को पराली जलाने के बजाय उसके प्रबंधन के दूसरे तरीके अपनाने की सलाह देते हैं।

किसानों को वैकल्पिक तरीके अपनाने की अपील

कृषि विभाग की ओर से किसानों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और अन्य कृषि उपकरणों की मदद से पराली का प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इन मशीनों से खेत में फसल अवशेषों को संभालने और अगली फसल की बुवाई करने में मदद मिल सकती है।

प्रशासन का कहना है कि पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि खेतों में आग लगाने की जरूरत न पड़े।

निगरानी और कार्रवाई पर रहेगा जोर

लुधियाना में एक दिन में चार मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्षेत्रों में घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण करें और उल्लंघन की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई करें।

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