16 अक्तूबर 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक साझेदारी मजबूत करने के लिए स्वीडिश कंपनियों और निवेशकों को हरियाणा में निवेश करने का न्योता दिया है। स्वीडन के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, औद्योगिक विकास और आधुनिक शहरी सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इस दौरे का उद्देश्य हरियाणा में नए निवेश के अवसर तलाशना, तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन के अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्री बेंजामिन डूसा के साथ बैठक की। इस दौरान हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे। बैठक में दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और शिक्षा, कौशल विकास तथा ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सैनी ने स्वीडिश कंपनियों से हरियाणा में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने और राज्य में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा की औद्योगिक क्षमता और बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने राज्य में मौजूद 18 ड्राई पोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि ये लॉजिस्टिक्स, माल परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी गतिविधियों के लिए अवसर प्रदान कर सकते हैं। ड्राई पोर्ट ऐसे स्थल होते हैं जहां समुद्री बंदरगाहों की तरह माल की आवाजाही, भंडारण और सीमा शुल्क से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और औद्योगिक नेटवर्क को देखते हुए इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
स्वीडन में आयोजित भारत-स्वीडन सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट राउंडटेबल सम्मेलन में हरियाणा ने गुरुग्राम की प्रस्तावित ग्लोबल सिटी और राज्य में प्रस्तावित 10 औद्योगिक मॉडल टाउनशिप में निवेश तथा तकनीकी साझेदारी के अवसर भी पेश किए। गुरुग्राम की ग्लोबल सिटी को एक आधुनिक कारोबारी और आवासीय केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें व्यावसायिक कार्यालयों, आवास, खुदरा कारोबार, होटल और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास की परिकल्पना की गई है। स्वीडिश कंपनियों के लिए स्मार्ट मोबिलिटी, जल प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल परिवहन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशे जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा में पहले से मौजूद स्वीडिश कंपनियों के निवेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने गुरुग्राम में IKEA की प्रस्तावित लगभग 3,500 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना, झज्जर के मेट सिटी में साब (Saab) की कार्ल-गुस्ताफ विनिर्माण इकाई और फरीदाबाद में ABB की विनिर्माण इकाई का उदाहरण दिया। इन परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारत की विनिर्माण क्षमता और स्वीडन की तकनीकी विशेषज्ञता को साथ लाने की संभावनाओं पर जोर दिया।
दौरे के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा संरक्षण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल तकनीक और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी ध्यान दिया गया। हरियाणा सरकार स्वीडन के शहरी विकास और पर्यावरण प्रबंधन के अनुभव से सीख लेकर राज्य के शहरों में बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाश रही है। इसके साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार के अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया गया।
सैनी ने स्वीडिश प्रतिनिधियों को हरियाणा में आयोजित होने वाले हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी राज्य में निवेश, तकनीकी आदान-प्रदान और औद्योगिक विकास को नए अवसर दे सकती है। हालांकि, निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार में बदलने के लिए कंपनियों के फैसले, परियोजनाओं की मंजूरी और उनके क्रियान्वयन की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।
भारत और स्वीडन ने अपने आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने और अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार तथा निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा सरकार इस साझेदारी के जरिए राज्य के औद्योगिक आधार को विस्तार देने और वैश्विक कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग विकसित करने की कोशिश कर रही है
