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चंडीगढ़ के सरकारी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में बोन मैरो एस्पिरेशन की सुविधा शुरू

16 अक्तूबर 2026: शहर के सेक्टर-16 स्थित सरकारी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल (GMSH-16) में मरीजों के लिए बोन मैरो एस्पिरेशन की सुविधा शुरू की गई है। यह सेवा अस्पताल की इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी (IPHL) में उपलब्ध कराई गई है। इस पहल से खून से संबंधित बीमारियों की जांच करने की सुविधा मजबूत होगी और मरीजों को जांच के लिए दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों में जाने की जरूरत कम पड़ सकती है।

बोन मैरो एस्पिरेशन एक महत्वपूर्ण चिकित्सकीय जांच है, जिसमें हड्डियों के अंदर मौजूद बोन मैरो से कोशिकाओं का नमूना लेकर उसकी जांच की जाती है। बोन मैरो शरीर में रक्त कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इस जांच से डॉक्टरों को रक्त कोशिकाओं से जुड़ी असामान्यताओं को समझने और बीमारी की पहचान करने में मदद मिलती है। मरीज की स्थिति और लक्षणों के आधार पर डॉक्टर इस जांच की सलाह दे सकते हैं।

इस सुविधा का उपयोग एनीमिया यानी खून की कमी, पैनसाइटोपेनिया, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसी बीमारियों की जांच में किया जा सकता है। पैनसाइटोपेनिया ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है। वहीं, ल्यूकेमिया और मल्टीपल मायलोमा जैसे रोग रक्त बनाने वाली कोशिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं। बोन मैरो की जांच से इन स्थितियों के आकलन में डॉक्टरों को जरूरी जानकारी मिलती है।

GMSH-16 में इस सुविधा की शुरुआत से मरीजों को जांच की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध होने की उम्मीद है। पहले कुछ मरीजों को ऐसी जांच के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ सकता था। अब अस्पताल की प्रयोगशाला में यह सुविधा उपलब्ध होने से जांच की प्रक्रिया में लगने वाला समय और मरीजों की आवाजाही कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जांच की उपलब्धता, उपयुक्तता और आगे के उपचार का निर्णय संबंधित डॉक्टर मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार करेंगे।

अस्पताल की इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरी को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के तहत विकसित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल की प्रयोगशाला को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के अंतर्गत अपग्रेड किया गया था और यह जून 2025 से संचालित है। नई जांच सुविधा को इसी प्रयोगशाला के माध्यम से उपलब्ध कराना अस्पताल की डायग्नोस्टिक सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम है।

बोन मैरो एस्पिरेशन की सुविधा शुरू होने से खून से जुड़ी बीमारियों की पहचान और उनके चिकित्सकीय मूल्यांकन में मदद मिल सकती है। समय पर जांच से डॉक्टरों को बीमारी की प्रकृति समझने, जरूरत के अनुसार अतिरिक्त परीक्षण कराने और आगे के उपचार की योजना बनाने में सहायता मिलती है। यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें रक्त संबंधी असामान्यताओं के कारण विस्तृत जांच की आवश्यकता होती है।

कुल मिलाकर, GMSH-16 में बोन मैरो एस्पिरेशन सेवा की शुरुआत चंडीगढ़ की सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे मरीजों को अपने ही अस्पताल में आवश्यक जांच कराने का विकल्प मिलेगा और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।

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