16 अक्तूबर 2026: पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के कई गांवों में धान और बासमती की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खराब मौसम के कारण खेतों में तैयार खड़ी फसल प्रभावित हुई है, वहीं तेज हवाओं ने भी किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस दौरान बिजली के कई खंभे उखड़ने से कुछ इलाकों में कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
धान की कटाई के महत्वपूर्ण समय पर हुई बारिश से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। कई किसानों ने फसल उगाने के लिए बड़ी रकम निवेश की थी। कुछ किसानों ने जमीन ठेके पर लेकर खेती की है, ऐसे में फसल खराब होने से उनके सामने लागत निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है। किसानों को चिंता है कि यदि फसल की पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित होती है, तो उन्हें बाजार में भी उचित कीमत मिलने में परेशानी हो सकती है।
जिले के कई गांवों में तेज हवा और बारिश के कारण धान की खड़ी फसल खेतों में झुक गई है। फसल के जमीन पर गिरने से कटाई का काम मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, खेतों में पानी जमा होने से मशीनों के जरिए कटाई करने में भी देरी हो सकती है। किसानों के लिए यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि धान की कटाई और मंडियों में फसल बेचने का सीजन चल रहा है।
मुक्तसर अनाज मंडी में भी किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। खुले में रखी धान की फसल पर बारिश का खतरा बना हुआ है। बारिश के कारण अनाज में नमी बढ़ने की आशंका है, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। निर्धारित मानकों से अधिक नमी होने पर फसल की खरीद में देरी या गुणवत्ता जांच की जरूरत पड़ सकती है। इससे किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने और बेचने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
बारिश के साथ आए तेज झोंकों ने बिजली व्यवस्था को भी प्रभावित किया। जिले के कुछ इलाकों में बिजली के खंभे उखड़ने के कारण आपूर्ति घंटों तक बाधित रही। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में प्रभावित इलाकों की पूरी सूची और बिजली आपूर्ति बहाल होने का विस्तृत समय नहीं बताया गया है।
किसानों को अब फसल के नुकसान का आकलन होने और संभावित सरकारी सहायता का इंतजार है। उनका कहना है कि फसल तैयार होने के समय मौसम की मार पड़ने से उनकी मेहनत और निवेश दोनों पर असर पड़ा है। ऐसे में प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करना और जरूरतमंद किसानों को राहत देना महत्वपूर्ण होगा।
पंजाब में अक्टूबर के दौरान हुई बेमौसम बारिश ने धान की कटाई और खरीद व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। राज्य के अलग-अलग जिलों से फसलों के गिरने, मंडियों में उपज भीगने और खरीद प्रक्रिया में देरी की खबरें सामने आई हैं। मुक्तसर में भी किसानों के सामने मौसम से हुए नुकसान के साथ-साथ फसल बेचने की चुनौती बनी हुई है।
