9 अक्टूबर 2026: पंजाब के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में उस समय चर्चा तेज हो गई, जब डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गगनदीप सिंह काकू अहलूवालिया के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। अहलूवालिया पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के करीबी माने जाते हैं। इस मुलाकात ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को जन्म दिया है।
एक घंटे से अधिक समय तक रुके संत निरंजन दास
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, संत निरंजन दास अहलूवालिया के घर एक घंटे से अधिक समय तक रुके। अहलूवालिया ने मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से डेरा बल्लां जाते रहे हैं और उन्होंने कई बार संत निरंजन दास को अपने घर आने का निमंत्रण दिया था। उनके अनुसार, संत का उनके घर आना उनके लिए सम्मान की बात है।
राजबीर सिंह घुम्मन से करीबी के कारण चर्चा
इस मुलाकात को लेकर चर्चा की एक प्रमुख वजह अहलूवालिया की राजबीर सिंह घुम्मन और बीर देविंदर बल्लां से नजदीकी बताई जा रही है। दोनों के नाम कथित कैश-फॉर-ट्रांसफर मामले से जुड़े आरोपों में सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अहलूवालिया का नाम भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जुड़े मामले के विवरण में आया है। हालांकि, किसी मामले में नाम सामने आना अपने आप में अपराध साबित होने के बराबर नहीं है।
कैश-फॉर-ट्रांसफर मामले की जांच
राजबीर सिंह घुम्मन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD हैं। हाल के दिनों में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसे के लेनदेन से जुड़े आरोपों को लेकर मामला चर्चा में रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने घुम्मन और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच में सरकारी पदों, प्रशासनिक फैसलों और अन्य मामलों में कथित अनुचित प्रभाव के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। इन आरोपों की जांच जारी है और इन्हें अदालत में साबित होना बाकी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह भी पहुंचे डेरा बल्लां
इसी दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष परगट सिंह भी डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे और संत निरंजन दास से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पंजाब में पहला दौरा था और वह अपने गृह जिले जालंधर पहुंचे थे।
धार्मिक मुलाकात के राजनीतिक मायने?
डेरा सचखंड बल्लां पंजाब के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में शामिल है और रविदासिया समुदाय के अनेक अनुयायियों के लिए इसका विशेष महत्व है। डेरा प्रमुख से मिलने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचते रहे हैं। ऐसे में किसी धार्मिक प्रमुख की राजनीतिक व्यक्ति या उसके सहयोगी से मुलाकात पर सार्वजनिक चर्चा होना असामान्य नहीं है।
हालांकि, केवल मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक समर्थन, चुनावी समझौते या विशेष रणनीति का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इस मामले में भी मुलाकात के उद्देश्य को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से कोई विस्तृत राजनीतिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
