9 अक्टूबर 2026: पंजाब के लुधियाना की टेबल टेनिस खिलाड़ी ऐश्वरिन कौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। मलेशिया के पेनांग में आयोजित एशिया-पैसिफिक डेफ मल्टी-स्पोर्ट चैंपियनशिप में ऐश्वरिन ने कुल चार मेडल अपने नाम किए। उन्होंने दो गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया।
टीम इवेंट और महिला डबल्स में गोल्ड
ऐश्वरिन कौर ने प्रतियोगिता के टीम इवेंट और महिला डबल्स मुकाबले में गोल्ड मेडल जीते। महिला डबल्स के फाइनल में ऐश्वरिन और उनकी जोड़ीदार सिंड्रेला मुलिक ने चीनी ताइपे की टीम को 4-2 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा और भारतीय जोड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की।
मिक्स्ड डबल्स और व्यक्तिगत मुकाबले में ब्रॉन्ज
ऐश्वरिन ने मिक्स्ड डबल्स और व्यक्तिगत इवेंट में भी पदक हासिल किए। व्यक्तिगत मुकाबले में उन्होंने सेमीफाइनल तक जगह बनाई। सेमीफाइनल में मुकाबला बेहद करीबी रहा और फैसला अंतिम गेम में हुआ। ऐश्वरिन 3-4 से हार गईं, जिसके बाद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इस तरह उन्होंने प्रतियोगिता में कुल चार पदकों के साथ अपना अभियान पूरा किया।
छह साल की उम्र में हुई थी गंभीर बीमारी की पहचान
ऐश्वरिन की सफलता के पीछे संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी भी है। रिपोर्ट के अनुसार, जब वह छह साल की थीं, तब उन्हें मेटाक्रोमैटिक ल्यूकोडिस्ट्रॉफी नामक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी का पता चला था। बचपन में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने खेल के प्रति अपना जुनून बनाए रखा। बाद में उनकी कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी भी हुई। इन चुनौतियों के बीच टेबल टेनिस में आगे बढ़ना उनके दृढ़ निश्चय को दर्शाता है।
पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखा चुकी हैं प्रतिभा
ऐश्वरिन इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने विश्व डेफ टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और डेफलिम्पिक्स में भी हिस्सा लिया। वर्ष 2024 में ताइवान में आयोजित विश्व डेफ टेबल टेनिस चैंपियनशिप में उन्होंने टीम इवेंट में सिल्वर और सिंगल्स व डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। इस साल राष्ट्रीय डेफ टेबल टेनिस चैंपियनशिप में महिला सिंगल्स वर्ग में भी उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया था।
मेहनत और अनुशासन से हासिल की उपलब्धि
ऐश्वरिन की खेल यात्रा दिखाती है कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद लगातार मेहनत और अनुशासन से लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनकी उपलब्धि न केवल लुधियाना बल्कि भारतीय डेफ खेल समुदाय के लिए भी गर्व का विषय है। मलेशिया में चार पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मौजूदगी को मजबूत किया है।
