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पंजाब के नए नियमित DGP गौरव यादव का गैंगस्टरों को सख्त संदेश, कहा- पंजाब में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं

9 अक्टूबर 2026: पंजाब के नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त होने के बाद गौरव यादव ने गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों और समाज विरोधी तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है। ऐसे अपराधी देश में कहीं भी या विदेश में छिपे हों, पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाने के लिए कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा।

नियमित DGP नियुक्त होने के बाद दिया संदेश

गौरव यादव ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को नियमित DGP के रूप में नियुक्ति के बाद वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश विरोधी तत्वों को अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

उनके बयान से स्पष्ट है कि पंजाब पुलिस गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनके नेटवर्क को कमजोर करने पर भी ध्यान देगी। पुलिस प्रमुख ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल राज्य के भीतर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विदेशों में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों को भी कानून के दायरे में लाने का प्रयास किया जाएगा।

कम से कम दो साल का होगा कार्यकाल

पंजाब सरकार ने 1992 बैच के IPS अधिकारी गौरव यादव को राज्य का नियमित DGP नियुक्त किया है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, उनका कार्यकाल पदभार संभालने की तारीख से कम से कम दो साल का होगा।

इस नियुक्ति के साथ राज्य के शीर्ष पुलिस पद पर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता खत्म हुई है। गौरव यादव मई 2022 से पंजाब पुलिस के कार्यवाहक DGP के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें नियमित पुलिस प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है।

हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद तेज हुई प्रक्रिया

नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी मामला उठा था। अदालत ने राज्य में लंबे समय तक कार्यवाहक व्यवस्था जारी रहने पर सवाल किए थे और कहा था कि पुलिस प्रमुख का पद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसी व्यवस्था अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रहनी चाहिए।

याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को नियुक्ति पर उचित फैसला लेने और अनुपालन से संबंधित हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए थे। अगली सुनवाई 13 अक्टूबर के लिए निर्धारित थी। इससे पहले जुलाई में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने नियमित DGP पद के लिए तीन अधिकारियों का पैनल भेजा था। इसमें गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम शामिल थे।

गैंगस्टरों के नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करने की तैयारी

पंजाब में संगठित अपराध और विदेशों से संचालित गैंगस्टर नेटवर्क पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहे हैं। गौरव यादव ने अपने संदेश में कहा कि गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल अपराध में शामिल लोगों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई करना है।

पंजाब पुलिस पहले भी गैंगस्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाती रही है। जनवरी 2026 में शुरू किए गए ऑपरेशन प्रहार का उद्देश्य विदेशों में सक्रिय गैंगस्टरों और राज्य में उनके सहयोगियों के नेटवर्क को निशाना बनाना था। इस अभियान के तहत पुलिस ने राज्य में छापेमारी और संदिग्ध सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

नशे के खिलाफ अभियान भी अहम चुनौती

गौरव यादव के कार्यकाल में नशे के खिलाफ अभियान और संगठित अपराध पर नियंत्रण भी पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करी पर कार्रवाई की जा रही है।

गैंगस्टर नेटवर्क और नशा तस्करी के बीच संभावित संबंधों को देखते हुए पुलिस के सामने चुनौती केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले नेटवर्क और उनके सहयोगियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना भी जरूरी है। हालांकि, हर मामले में आरोपियों की भूमिका जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।

शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

नियमित DGP के रूप में नियुक्ति के बाद गौरव यादव के सामने राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब नियमित पुलिस प्रमुख की नियुक्ति को लेकर न्यायिक स्तर पर भी सवाल उठाए गए थे। अब कम से कम दो साल के निर्धारित कार्यकाल के साथ पुलिस नेतृत्व को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

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