9 अक्टूबर 2026: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं, बशर्ते उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आधिकारिक समन मिले। मान ने कहा कि घुम्मन को समन नहीं मिला था, इसलिए वह बुधवार को जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। यह मामला पंजाब सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित अनियमितताओं की जांच से संबंधित है।
CM मान ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में अपने OSD का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राजबीर सिंह घुम्मन जांच में सहयोग करने को तैयार हैं और समन मिलने पर जांच एजेंसी के सामने पेश होंगे।
मान के मुताबिक, घुम्मन को आधिकारिक तौर पर समन नहीं दिया गया था। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CBI ने उन्हें बुधवार दोपहर चंडीगढ़ स्थित अपने कार्यालय में पेश होने के लिए बुलाया था। इस तरह समन मिलने को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के दावों में अंतर सामने आया है।
भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही CBI
राजबीर सिंह घुम्मन का नाम CBI की ओर से दर्ज मामले में आरोपी के रूप में शामिल है। यह मामला सरकारी अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों और टेंडर प्रक्रियाओं में कथित भ्रष्टाचार तथा प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की जांच से संबंधित है।
CBI ने घुम्मन के अलावा पांच अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी की कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुई, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से साझा की गई जानकारी के आधार पर मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया था। आरोपों की सच्चाई जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में तय होगी।
CBI की कार्रवाई को BJP का चुनावी अभियान बताया
मुख्यमंत्री मान ने अपने कैंप ऑफिस में CBI की तलाशी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पंजाब में BJP के चुनावी अभियान का हिस्सा है।
मान ने पश्चिम बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाइयों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए किया जाता है। ये मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप हैं; इन्हें जांच एजेंसी की कार्रवाई के संबंध में स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
भगवंत मान ने अपनी सरकार पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कई व्यवस्थाओं को ऑनलाइन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और सरकार को किसी जांच से डर नहीं है।
मान ने यह भी कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह उचित प्रक्रिया के तहत होने वाली जांच के लिए तैयार है। दूसरी ओर, CBI मामले में दर्ज आरोपों की जांच कर रही है। अभी आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया नहीं जा सकता।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा मामला
यह विवाद उस समय बढ़ा जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ED की ओर से दिए गए विवरण के आधार पर CBI को मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया। ED ने पहले पंजाब पुलिस से कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े आरोपों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
इसके बाद पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इस मामले में जांच की दिशा और अदालतों में आगे होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी।
आगे क्या होगा?
राजबीर सिंह घुम्मन की CBI के सामने पेशी और जांच में सहयोग को लेकर अगला कदम आधिकारिक समन और जांच एजेंसी की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। मुख्यमंत्री मान का कहना है कि समन मिलने पर उनका OSD जांच में शामिल होगा। वहीं, CBI कथित भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन CBI जांच में शामिल होने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें आधिकारिक समन नहीं मिला था। मान ने CBI की कार्रवाई को BJP का चुनावी अभियान बताते हुए आरोपों को खारिज किया है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
