29 सितंबर 2026 हरियाणा के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी एम्प्लॉइज यूनियन (DCREU) के सदस्यों ने सोमवार को विरोध मार्च निकाला और इसके बाद कुलपति सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।
वीसी सचिवालय के बाहर कर्मचारियों का धरना
कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने बैनर लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRNL) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों और DC रेट पर कार्यरत कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया।
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी कई सेवा संबंधी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और इन्हें हल करने के लिए लगातार मांग उठाई जा रही है।
HKRNL कर्मचारियों के सेवा विस्तार का मुद्दा
DCREU के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि यूनियन के दबाव के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने HKRNL कर्मचारियों की सेवाओं के विस्तार से संबंधित फाइल को मंजूरी दे दी है। हालांकि, DC रेट पर काम करने वाले कर्मचारियों के सेवा विस्तार का आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ है।
कर्मचारियों का कहना है कि दोनों श्रेणियों में काम करने वाले कर्मचारियों से जुड़े मामलों को जल्द स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि उनकी नौकरी को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।
तीन कर्मचारियों का वेतन भी लंबित
यूनियन ने वेतन से जुड़े मामले को भी प्रमुखता से उठाया है। DCREU अध्यक्ष के अनुसार, HKRNL के तीन कर्मचारियों का करीब तीन महीने का वेतन लंबे समय से लंबित है। यूनियन का दावा है कि यह वेतन लगभग एक साल से जारी नहीं हुआ है।
कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित वेतन का भुगतान जल्द किया जाए और कर्मचारियों से जुड़े अन्य वित्तीय मामलों का भी समाधान किया जाए।
13 अनुभवी DC रेट कर्मचारियों से जुड़ा SETC मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान State Eligibility Test in Computer Appreciation and Applications (SETC) से जुड़ी शर्त को वापस लेने की मांग भी उठाई गई। यूनियन के अनुसार, यह अनिवार्य शर्त 13 अनुभवी DC रेट कर्मचारियों पर लागू की गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के मामले में इस शर्त को लेकर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। यूनियन ने इस शर्त को हटाने की मांग को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है।
कर्मचारियों ने प्रशासन के सामने रखीं लंबित मांगें
कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सेवा विस्तार, लंबित वेतन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। यूनियन का कहना है कि कई मामलों में कर्मचारियों को लंबे समय से समाधान का इंतजार है।
अनिश्चितकालीन धरना शुरू होने के बाद अब कर्मचारियों की नजर यूनिवर्सिटी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन पर समाधान का दबाव
कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन धरने से यूनिवर्सिटी प्रशासन पर लंबित मामलों के समाधान का दबाव बढ़ गया है। कर्मचारियों की मांग है कि उनके सेवा संबंधी मुद्दों पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और जिन कर्मचारियों के वेतन या सेवा विस्तार से जुड़े मामले लंबित हैं, उन्हें जल्द निपटाया जाए।
यूनियन की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि यदि मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता है तो विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रह सकता है।
कर्मचारियों की मांगों पर बनी रहेगी नजर
मुरथल यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ यह प्रदर्शन कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर है। HKRNL और DC रेट कर्मचारियों के शामिल होने से आंदोलन का दायरा बढ़ गया है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और लंबित सेवा विस्तार, वेतन तथा SETC से जुड़ी समस्याओं का समाधान किस तरह किया जाता है।
