23 सितंबर 2026: श्री करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए फिलहाल राहत की खबर नहीं है। केंद्र सरकार ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए करतारपुर कॉरिडोर को भारतीय श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का फैसला जारी रखा है। गृह मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियां कॉरिडोर को दोबारा खोलने की अनुमति नहीं देती हैं।
सुरक्षा स्थिति के कारण जारी है रोक
करतारपुर कॉरिडोर के जरिए पंजाब के डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर तक भारतीय श्रद्धालु बिना वीजा यात्रा कर सकते थे। हालांकि, मई 2025 से इस मार्ग पर तीर्थयात्रा सेवाएं निलंबित हैं।
गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी स्पष्ट किया गया है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर की सेवाएं अगले निर्देश तक निलंबित हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता
केंद्र सरकार ने कॉरिडोर बंद रखने के पीछे मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों का हवाला दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान स्थिति में कॉरिडोर को दोबारा खोलना संभव नहीं है। सरकार की ओर से इसे लेकर कोई निश्चित reopening date भी नहीं बताई गई है।
इससे पहले अगस्त 2026 में विदेश मंत्रालय ने भी लोकसभा में कहा था कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण करतारपुर कॉरिडोर बंद रखना जरूरी है। मंत्रालय ने बताया था कि सिख धार्मिक संगठनों की ओर से कॉरिडोर को जल्द खोलने के लिए प्रतिनिधित्व प्राप्त हुए हैं, लेकिन सुरक्षा परिस्थितियां अभी भी इसके संचालन की अनुमति नहीं देतीं।
सिख संगठनों ने की है दोबारा खोलने की मांग
करतारपुर कॉरिडोर सिख श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण धार्मिक मार्ग है। कॉरिडोर बंद होने के बाद कई सिख धार्मिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से इसे जल्द दोबारा खोलने की मांग की है।
हाल ही में डेरा बाबा नानक में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज के नेतृत्व में एक सिख जत्थे ने जीरो लाइन की ओर जाकर कॉरिडोर खोलने के लिए अरदास करने की योजना बनाई थी। हालांकि, BSF ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए समूह को जीरो लाइन तक जाने की अनुमति नहीं दी।
पाकिस्तान की तरफ से कॉरिडोर खुला होने का दावा
भारत में कॉरिडोर की सेवाएं निलंबित हैं, जबकि पाकिस्तान की तरफ से यह कहा जाता रहा है कि उसकी ओर से कॉरिडोर खुला है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों और सुरक्षा परिस्थितियों के कारण भारतीय श्रद्धालुओं की आवाजाही अभी शुरू नहीं हो पाई है।
2019 में शुरू हुआ था करतारपुर कॉरिडोर
करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन नवंबर 2019 में गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर किया गया था। यह भारत के डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है।
कॉरिडोर के जरिए भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा के बिना उसी दिन गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन करने की सुविधा दी गई थी। इसके लिए भारत और पाकिस्तान के बीच 24 अक्टूबर 2019 को समझौता हुआ था। बाद में इस समझौते को आगे पांच साल के लिए बढ़ाया गया था।
करीब 1.3 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं यात्रा
उद्घाटन के बाद से लगभग 1.3 लाख श्रद्धालु करतारपुर कॉरिडोर के जरिए गुरुद्वारा दरबार साहिब की यात्रा कर चुके हैं। कॉरिडोर को भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक और लोगों के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है।
फिलहाल reopening की तारीख तय नहीं
केंद्र सरकार की मौजूदा स्थिति के अनुसार कॉरिडोर को फिर से खोलने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। सरकार का रुख है कि इसके संचालन का फैसला सुरक्षा परिस्थितियों में सुधार के आधार पर किया जाएगा।
इस बीच, सिख संगठनों और श्रद्धालुओं की ओर से कॉरिडोर को दोबारा खोलने की मांग जारी है। सरकार की ओर से फिलहाल सुरक्षा स्थिति को प्राथमिकता देते हुए सेवाएं निलंबित रखने की बात कही गई है।
