22 सितंबर 2026: जापान में आयोजित हो रहे 20वें एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के साथ अमृतसर से जुड़े चार खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें टीम के कप्तान और स्टार डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह, फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह, डिफेंडर जरमनप्रीत सिंह और डिफेंडर व ड्रैग-फ्लिकर जुगराज सिंह शामिल हैं। चारों खिलाड़ियों का पंजाब और खासकर अमृतसर क्षेत्र से गहरा जुड़ाव रहा है।
हरमनप्रीत सिंह संभाल रहे हैं टीम की कमान
अमृतसर के टिम्मोवाल गांव से ताल्लुक रखने वाले हरमनप्रीत सिंह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हैं। वह डिफेंडर के साथ-साथ शानदार ड्रैग-फ्लिकर के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं।
हरमनप्रीत के पिता सरबजीत सिंह के अनुसार, उन्होंने बचपन से ही हॉकी के प्रति काफी लगन दिखाई। उनके मामा हरदेव सिंह चहल, जो राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेल चुके हैं, ने उन्हें इस खेल के लिए प्रेरित किया था।
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने 2023 में हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भारतीय टीम अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरी है।
दिलप्रीत सिंह पर अटैकिंग लाइन की जिम्मेदारी
भारतीय टीम के फॉरवर्ड दिलप्रीत सिंह अमृतसर जिले के बुटाला गांव से आते हैं। वह बचपन से ही बाबा पलाहा स्पोर्ट्स क्लब से हॉकी की ट्रेनिंग लेते रहे हैं।
दिलप्रीत को भारतीय टीम की अटैकिंग लाइन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली है। उनके साथ शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह और अभिषेक भी आक्रमण की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
दिलप्रीत के पिता खुद हॉकी कोच हैं और उन्होंने बेटे के करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिलप्रीत ने पहले भी बताया है कि उनके पिता उन्हें सुबह-सुबह दूर स्थित हॉकी अकादमियों में अभ्यास के लिए लेकर जाते थे।
जरमनप्रीत सिंह का भी अहम योगदान
जरमनप्रीत सिंह का संबंध बाबा बकाला साहिब क्षेत्र से है। उन्होंने अपने हॉकी करियर की शुरुआत मेहता स्थित खालसा हॉकी अकादमी से की और बाद में जालंधर की सुरजीत हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण लिया।
जरमनप्रीत ने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत के लिए अपना ओलंपिक डेब्यू किया था। उस प्रतियोगिता में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था।
एशियन गेम्स की टीम में भी वह भारतीय डिफेंस का हिस्सा हैं और टीम की रक्षापंक्ति को मजबूती देने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
जुगराज सिंह बने मजबूत डिफेंस का हिस्सा
अमृतसर जिले के अटारी गांव से आने वाले जुगराज सिंह भी भारतीय टीम के महत्वपूर्ण डिफेंडरों में शामिल हैं। वह डिफेंडर होने के साथ-साथ ड्रैग-फ्लिक में भी अपनी क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
जुगराज ने 2022 में एफआईएच प्रो लीग मुकाबलों के दौरान सीनियर भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने भारतीय डिफेंस में अपनी जगह मजबूत की।
इस साल जून में नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में जर्मनी के खिलाफ एफआईएच प्रो लीग मुकाबले के दौरान उन्होंने अपने 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए।
भारत की नजर एशियन गेम्स के खिताब पर
भारतीय पुरुष हॉकी टीम 2026 एशियन गेम्स में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरी है। भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था और इस बार भी टीम के सामने अपने खिताब को बरकरार रखने की चुनौती है।
हॉकी इंडिया ने 29 जुलाई को एशियन गेम्स के लिए 20 सदस्यीय पुरुष टीम की घोषणा की थी। टीम की कप्तानी हरमनप्रीत सिंह को सौंपी गई है। भारत को पूल ए में जापान, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ रखा गया है।
अमृतसर के खिलाड़ियों से उम्मीदें
अमृतसर और इसके आसपास के क्षेत्रों का भारतीय हॉकी में लंबे समय से योगदान रहा है। इस बार एशियन गेम्स में एक साथ चार खिलाड़ियों की मौजूदगी स्थानीय हॉकी प्रतिभाओं के लिए भी खास महत्व रखती है।
हरमनप्रीत सिंह टीम की कप्तानी और डिफेंस की अगुवाई कर रहे हैं, जबकि दिलप्रीत सिंह से अटैकिंग लाइन में योगदान की उम्मीद है। वहीं जरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह भारतीय डिफेंस को मजबूत करने में भूमिका निभा रहे हैं।
इन खिलाड़ियों की मौजूदगी से अमृतसर के हॉकी प्रेमियों की नजर भी एशियन गेम्स के भारतीय मुकाबलों पर बनी हुई है।
