21 सितंबर, 2026 : IIT Bombay के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद संस्थान में विवाद गहरा गया है। छात्र के परिवार ने संबंधित प्रोफेसर पर जातीय भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच मुंबई पुलिस की Crime Branch को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, IIT Bombay ने जातीय भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है, जबकि संस्थान के Faculty Forum ने प्रोफेसर सुर्यानारायण डुल्ला का समर्थन किया है।
परीक्षा के दौरान सामने आया था मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साहिल वाकोडे IIT Bombay के Energy Science and Engineering विभाग के दूसरे वर्ष के छात्र थे। 18 सितंबर को एक मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन पाए जाने की बात सामने आई थी। IIT Bombay के अनुसार, छात्र पर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने और AI प्लेटफॉर्म के जरिए सवालों के जवाब तलाशने का आरोप था।
प्रोफेसर सुर्यानारायण डुल्ला उस परीक्षा में इनविजिलेटर और कोर्स इंस्ट्रक्टर थे। उन्होंने कथित परीक्षा संबंधी अनियमितता की जानकारी संस्थान के अधिकारियों को दी थी।
छात्र की मौत के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
18 सितंबर को साहिल की मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार ने प्रोफेसर और संस्थान के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। परिवार का कहना है कि साहिल को कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया और उनके साथ जातीय भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया।
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने दूसरे वर्ष में आने के बाद प्रोफेसर द्वारा कथित उत्पीड़न की बात परिवार को बताई थी। हालांकि, परिवार ने उस समय संस्थान में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
SC/ST Act के तहत भी मामला दर्ज
परिवार की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर सुर्यानारायण डुल्ला सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं।
पुलिस जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्र की मौत से पहले उनके साथ वास्तव में क्या हुआ था और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। मामले की जांच को Crime Branch को सौंपे जाने की भी जानकारी सामने आई है।
IIT Bombay ने जातीय भेदभाव के आरोपों से किया इनकार
IIT Bombay के निदेशक शिरीष केदारे ने संस्थान में जातीय भेदभाव होने के आरोपों से इनकार किया है। संस्थान का कहना है कि छात्र के खिलाफ घटना के बाद कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।
IIT Bombay के मुताबिक, परीक्षा से जुड़ी घटना के बाद छात्र को संबंधित शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने काउंसलिंग दी थी और उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना का उनके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। संस्थान के SC/ST सेल ने भी कहा कि उसे साहिल की ओर से जातीय भेदभाव को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
Faculty Forum ने प्रोफेसर का किया समर्थन
विवाद के बीच IIT Bombay Faculty Forum ने प्रोफेसर सुर्यानारायण डुल्ला के समर्थन में बयान जारी किया। Faculty Forum के अनुसार, प्रोफेसर ने परीक्षा में कथित अकादमिक अनियमितता को देखकर संस्थान की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी।
Faculty Forum ने कहा कि प्रोफेसर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे और उन्होंने संस्थान की स्वीकृत अकादमिक नीतियों का पालन किया।
छात्रों का विरोध और 18 सूत्रीय मांगपत्र
साहिल की मौत के बाद IIT Bombay परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई समेत कई मांगें उठाईं।
प्रदर्शन के बीच IIT Bombay के निदेशक ने छात्रों की ओर से दिए गए 18 सूत्रीय मांगपत्र पर हस्ताक्षर किए। इसमें साहिल की मौत की जांच, छात्रों की सुरक्षा और संस्थान में कुछ सुधारों से जुड़ी मांगें शामिल थीं।
प्रोफेसर को किया गया निलंबित
छात्रों के लगातार विरोध के बीच IIT Bombay ने 20 सितंबर की शाम प्रोफेसर सुर्यानारायण डुल्ला को निलंबित कर दिया। हालांकि, संस्थान के Faculty Forum ने उनके समर्थन में अपना पक्ष रखा है।
वहीं, प्रोफेसर के खिलाफ लगे आरोप और उनका निलंबन अपने आप में आपराधिक दोष साबित नहीं करते। पुलिस की जांच अभी जारी है और घटना के अलग-अलग पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
साहिल वाकोडे की मौत के मामले में फिलहाल तीन प्रमुख पहलू सामने हैं—परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप, परिवार की ओर से लगाए गए जातीय भेदभाव और प्रताड़ना के आरोप तथा IIT Bombay की ओर से इन आरोपों का खंडन।
पुलिस जांच के साथ-साथ संस्थान के स्तर पर भी मामले को लेकर कार्रवाई चल रही है। IIT Bombay ने कहा है कि वह जांच में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेगा और लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है।
