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हिसार में विदेश भेजने के नाम पर 22 लाख की ठगी, गुजरात की जेल से दो आरोपी गिरफ्तार

21 सितंबर, 2026 : हरियाणा के हिसार में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पहले से गुजरात की राजकोट जेल में एक अन्य मामले में बंद थे। हिसार पुलिस ने अदालत से अनुमति लेने के बाद उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर हिसार लाकर गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उसे विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए उसे एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया गया और उससे कथित तौर पर 22 लाख रुपये लिए गए।

2025 में दर्ज हुई थी शिकायत

हिसार के सेक्टर-15 निवासी दिनेश की शिकायत पर 12 जून 2025 को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विदेश भेजने के नाम पर आरोपियों ने उससे 22 लाख रुपये की रकम ली और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया।

मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस को पता चला कि इस मामले में नामजद दोनों आरोपी गुजरात की राजकोट जेल में बंद हैं। इसके बाद आर्थिक अपराध शाखा ने अदालत से आवश्यक अनुमति लेकर दोनों को हिसार लाने की प्रक्रिया पूरी की।

राजकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए

पुलिस ने दोनों आरोपियों को राजकोट जेल से प्रोडक्शन वारंट पर हिसार लाया। प्रोडक्शन वारंट के जरिए किसी अन्य मामले में जेल में बंद व्यक्ति को दूसरे मामले की जांच या अदालत में पेशी के लिए संबंधित पुलिस के सामने लाया जा सकता है।

हिसार पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को अब अदालत में पेश किया जाएगा और मामले में पूछताछ के लिए उनकी हिरासत मांगी जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित धोखाधड़ी में और कौन लोग शामिल हैं।

दोनों आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय मोहपाल, निवासी सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल और विकास, निवासी नई दिल्ली के रूप में हुई है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर चलाए जा रहे नेटवर्क में इन दोनों की क्या भूमिका थी और इनके संपर्क में अन्य कितने लोग थे।

फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने विदेश भेजने के लिए नौकरी का भरोसा दिया और इसके समर्थन में एक नियुक्ति पत्र भी उपलब्ध कराया। बाद में शिकायतकर्ता को कथित तौर पर पता चला कि दस्तावेज फर्जी था।

पुलिस अब कथित फर्जी दस्तावेज, पैसों के लेन-देन और विदेश भेजने के नाम पर किए गए अन्य संपर्कों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इसी तरीके से किसी और व्यक्ति से भी पैसे लिए गए थे या नहीं।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने विदेश में नौकरी या यात्रा के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी व्यक्ति या एजेंसी को विदेश भेजने अथवा नौकरी दिलाने के लिए पैसे देने से पहले उसके दस्तावेज और credentials की अच्छी तरह जांच कर लें।

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों में अक्सर फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली दस्तावेज और आकर्षक नौकरी के प्रस्तावों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे मामलों में बिना सत्यापन के बड़ी रकम देना लोगों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।

आगे की जांच में सामने आएगा नेटवर्क

पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर कथित धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों, पैसों के लेन-देन और उनके संपर्कों की जानकारी जुटाएगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या आरोपियों ने अन्य लोगों को भी विदेश भेजने या नौकरी दिलाने का झांसा देकर रकम ली थी।

फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी मामले की जांच का हिस्सा है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के दौरान होगी।

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