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व्यक्तिगत दुख के बाद फिटनेस ट्रेनर को कथक में मिला नया सहारा

19 सितंबर, 2026 : जालंधर: जिंदगी में आने वाला कोई बड़ा व्यक्तिगत दुख कई बार इंसान के रास्ते को पूरी तरह बदल देता है। जालंधर की कथक साधक और फिटनेस ट्रेनर निद्धि भाटिया सेठी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। परिवार में हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई और करियर की दिशा बदली और कथक को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। आज वह न केवल खुद कथक का अभ्यास कर रही हैं, बल्कि युवा डांसरों को भी प्रशिक्षण दे रही हैं।

भाई की मौत के बाद बदली जिंदगी

निद्धि ने साल 2004 में अपने करियर की शुरुआत के लिए मानव संसाधन यानी HR में MBA करने की योजना बनाई थी। लेकिन इसी दौरान उनके भाई की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार ने उन्हें जालंधर में ही आगे की पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी।

निद्धि की रुचि पहले से ही डांस में थी। स्कूल के समय भी उन्होंने डांस को अतिरिक्त विषय के रूप में लिया था। परिवार की सलाह और अपनी रुचि को देखते हुए उन्होंने कथक की ओर कदम बढ़ाया और Apeejay College of Fine Arts में मास्टर डिग्री इन कथक कार्यक्रम में दाखिला लिया।

कथक ने बनाया नया रास्ता

कथक की पढ़ाई के दौरान निद्धि को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन मिला। उन्होंने इस शास्त्रीय नृत्य शैली की तकनीक और बारीकियों को समझने के साथ-साथ लगातार अभ्यास किया।

धीरे-धीरे कथक उनके लिए सिर्फ एक रुचि नहीं रहा, बल्कि करियर का रास्ता बन गया। इसके बाद उन्होंने डांस और योग में PhD भी की। इस तरह एक कठिन व्यक्तिगत दौर में शुरू हुई उनकी यात्रा ने उन्हें एक अलग पेशेवर पहचान दी।

आज जालंधर में चला रही हैं डांस और फिटनेस स्टूडियो

आज निद्धि जालंधर में अपना डांस और फिटनेस स्टूडियो चलाती हैं। यहां वह युवा डांसरों को कथक की ट्रेनिंग देने के साथ-साथ फिटनेस पर भी ध्यान देती हैं।

उनके प्रशिक्षण में डांस के साथ strength, flexibility और physical conditioning को भी शामिल किया जाता है। उनका मानना है कि एक डांसर के लिए केवल नृत्य की तकनीक सीखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शरीर को मजबूत और लचीला बनाए रखना भी जरूरी है।

खुद के अनुभव से फिटनेस की ओर बढ़ीं

निद्धि की फिटनेस यात्रा भी उनके निजी अनुभवों से जुड़ी हुई है। गर्भावस्था के बाद postpartum period में उन्हें शरीर की ताकत को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उस दौरान वह योग का अभ्यास जारी रखती थीं, लेकिन अपनी शारीरिक क्षमता को दोबारा मजबूत करने के लिए उन्होंने फिटनेस को और गहराई से समझना शुरू किया।

बाद में उन्होंने फिटनेस को अपने डांस प्रशिक्षण का भी हिस्सा बना लिया। इससे उनके स्टूडियो में प्रशिक्षण लेने वाले डांसरों को नृत्य के साथ शारीरिक मजबूती और flexibility पर भी काम करने का अवसर मिलता है।

विद्यार्थियों को मिल रहा राष्ट्रीय मंच

निद्धि के काम का असर उनके विद्यार्थियों के सफर में भी दिखाई दे रहा है। उनके स्टूडियो की 19 वर्षीय छात्रा गीतांजलि मरवाहा इस समय Sony TV के डांस रियलिटी शो India’s Best Dancer के मौजूदा सीजन में हिस्सा ले रही हैं।

गीतांजलि का जालंधर के स्टूडियो से प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय टेलीविजन मंच तक पहुंचना निद्धि के प्रशिक्षण कार्य का एक उदाहरण है।

दुख से निकली यात्रा बनी दूसरों के लिए प्रेरणा

निद्धि की कहानी यह दिखाती है कि व्यक्तिगत मुश्किलों के बीच भी व्यक्ति अपनी रुचि और प्रतिभा के जरिए नई दिशा तलाश सकता है। जिस समय उन्होंने कथक को चुना, उस समय उनका जीवन पहले से तय करियर से अलग दिशा में जा रहा था।

HR के क्षेत्र में जाने की योजना बनाने वाली निद्धि बाद में कथक की साधक, शिक्षिका और फिटनेस ट्रेनर बनीं। अब वह अपने अनुभव और प्रशिक्षण के जरिए युवा डांसरों को आगे बढ़ने में मदद कर रही हैं।

कथक और फिटनेस का अनोखा मेल

निद्धि का काम पारंपरिक नृत्य और आधुनिक फिटनेस को एक साथ जोड़ता है। कथक की तकनीक, योग, strength training और flexibility पर ध्यान देने से उनके प्रशिक्षण का दायरा केवल डांस तक सीमित नहीं रहता।

उनका स्टूडियो युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा विकसित करने के साथ-साथ शारीरिक रूप से तैयार होने का अवसर भी देता है। उनके विद्यार्थियों में से कुछ अब स्थानीय मंचों से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

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