19 सितंबर, 2026 : जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने श्री हरमंदिर साहिब में पहुंचकर श्रद्धा के साथ माथा टेका। उन्होंने गुरु घर में अरदास की और पंजाब के इस प्रमुख धार्मिक स्थल की मर्यादा और आध्यात्मिक परंपराओं के बारे में जानकारी ली।
श्री हरमंदिर साहिब में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु पवित्र सरोवर के दर्शन करने के साथ-साथ गुरु घर में माथा टेकते हैं।
स्वर्ण मंदिर की धार्मिक महत्ता
श्री हरमंदिर साहिब सिख धर्म के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। अमृतसर में स्थित यह पवित्र स्थल अपनी धार्मिक परंपराओं, सेवा और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है।
स्वर्ण मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन करते हैं और लंगर सेवा में भी हिस्सा लेते हैं। यहां चलने वाली लंगर परंपरा समानता और सेवा का संदेश देती है।
गुरु घर में बिताया समय
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने गुरु घर में पहुंचकर श्रद्धा के साथ दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब परिसर की धार्मिक परंपराओं और व्यवस्थाओं को भी देखा।
उनकी स्वर्ण मंदिर यात्रा के दौरान गुरु घर की ओर से धार्मिक सम्मान की परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान उन्होंने पवित्र स्थल की मर्यादा का पालन करते हुए दर्शन किए।
अमृतसर में धार्मिक यात्रा
अमृतसर देश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक शहरों में शामिल है। श्री हरमंदिर साहिब के अलावा शहर में कई अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल भी हैं। स्वर्ण मंदिर में अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु नियमित रूप से माथा टेकते हैं।
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा का श्री हरमंदिर साहिब पहुंचना भी इसी धार्मिक परंपरा के तहत देखा गया, जहां उन्होंने गुरु घर में मत्था टेका और अरदास की।
सेवा और समानता का संदेश
श्री हरमंदिर साहिब की पहचान केवल धार्मिक स्थल के रूप में ही नहीं बल्कि सेवा और समानता की परंपरा के लिए भी है। यहां चलने वाली गुरु का लंगर व्यवस्था में जाति, धर्म और सामाजिक स्थिति से ऊपर उठकर सभी लोगों को एक साथ भोजन कराया जाता है।
स्वर्ण मंदिर परिसर में आने वाले लोगों के लिए सेवा की यह परंपरा धार्मिक अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र
श्री हरमंदिर साहिब में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। पवित्र सरोवर, गुरबाणी और गुरुद्वारा परिसर का शांत वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने भी गुरु घर में पहुंचकर इसी धार्मिक वातावरण में समय बिताया और माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
