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Rohtak PGIMS में आधिकारिक संचार में देरी पर सख्ती, अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी

18 सितंबर, 2026 :   पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS), रोहतक में आधिकारिक संचार पर समय पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर संस्थान के अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। संस्थान की ओर से जारी दो कार्यालय आदेशों में अधिकारियों और विभिन्न शाखाओं को समय-सीमा के भीतर मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय पर जानकारी नहीं देने को सख्त गैर-अनुपालन माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

आधिकारिक पत्रों पर देरी को लेकर नाराजगी

PGIMS के निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने एक कार्यालय आदेश में कहा कि बार-बार यह सामने आया है कि अधिकारियों और शाखाओं की ओर से उन पत्रों पर समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिनमें उच्च अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर जानकारी भेजने के लिए कहा गया है।

इनमें चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जैसे उच्च अधिकारियों को भेजी जाने वाली जानकारी भी शामिल है।

PA सेक्शन तुरंत भेजता है जानकारी

निदेशक कार्यालय की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि उच्च अधिकारियों से प्राप्त ईमेल को निदेशक कार्यालय का PA सेक्शन संबंधित शाखाओं तक तुरंत पहुंचाता है। इसके बाद निर्धारित समय में आवश्यक जानकारी तैयार कर निदेशक कार्यालय तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित शाखाओं की होती है।

इसके लिए विभिन्न शाखाओं के अधीक्षकों, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कार्यालय, एस्टेट ऑफिस तथा PGIMS से जुड़े अन्य कार्यालयों और कॉलेजों को जिम्मेदार बताया गया है।

रिमाइंडर आने पर होगी जवाबदेही तय

निदेशक ने स्पष्ट किया कि यदि किसी उच्च अधिकारी की ओर से मांगी गई जानकारी समय पर नहीं भेजी जाती और बाद में उस संबंध में रिमाइंडर प्राप्त होता है, तो इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना जाएगा।

ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी, शाखा या कार्यालय के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकती है। आदेश में इसे strict non-compliance यानी सख्त गैर-अनुपालन के रूप में लेने की चेतावनी दी गई है।

ईमेल और WhatsApp संदेशों पर भी सख्ती

संस्थान की ओर से जारी दूसरे कार्यालय आदेश में ईमेल और WhatsApp के जरिए भेजे गए आधिकारिक संदेशों पर कार्रवाई में देरी का मुद्दा उठाया गया है।

निदेशक के अनुसार, उनके कार्यालय से भेजे गए ईमेल और WhatsApp संदेशों पर भी कई बार संबंधित अधिकारियों, प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों, शाखा अधीक्षकों और नोडल अधिकारियों की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं की जा रही थी।

किसी तरह का बहाना स्वीकार नहीं

PGIMS प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और शाखाओं को निर्देश दिया है कि जब किसी माध्यम से समयबद्ध जानकारी मांगी जाए तो उसे निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराया जाए। आदेश में कहा गया है कि अनुपालन में देरी के लिए किसी तरह की देरी, कारण या बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इसका उद्देश्य संस्थान के भीतर आधिकारिक सूचनाओं के आदान-प्रदान और उच्च अधिकारियों को समय पर रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी

निदेशक ने अधिकारियों, प्राचार्यों, विभागाध्यक्षों, शाखा अधीक्षकों और नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही है। आदेश के अनुसार, जानकारी भेजने की समय-सीमा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही की निगरानी की जाएगी।

इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक सूचनाएं लंबित न रहें और उच्च अधिकारियों को मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध हो।

प्रशासनिक कामकाज में समयबद्धता पर जोर

PGIMS जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक शाखाओं के बीच समय पर सूचना का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होता है। संस्थान के इन आदेशों से स्पष्ट है कि प्रशासन अब आधिकारिक संचार में देरी को लेकर जवाबदेही तय करने पर जोर दे रहा है।

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