18 सितंबर, 2026 : लंबे समय से इंतजार किए जा रहे हरियाणा के हिसार Integrated Manufacturing Cluster (IMC) प्रोजेक्ट को अब आगे बढ़ने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। National Industrial Corridor Development Corporation (NICDC) के तहत विकसित किए जा रहे इस प्रोजेक्ट के Engineering, Procurement and Construction (EPC) टेंडर के लिए 10 एजेंसियां तकनीकी बोली में योग्य पाई गई हैं। तकनीकी मूल्यांकन पूरा होने के बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी।
4,679 करोड़ रुपये का है पूरा प्रोजेक्ट
हिसार में प्रस्तावित Integrated Manufacturing Cluster की अनुमानित कुल लागत करीब 4,679 करोड़ रुपये है। यह परियोजना Amritsar–Kolkata Industrial Corridor (AKIC) के तहत विकसित की जा रही है।
प्रोजेक्ट के लिए करीब 2,988 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है, जो महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक परियोजना से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
707 करोड़ रुपये के EPC टेंडर में 10 एजेंसियां
परियोजना के निर्माण से जुड़े 707 करोड़ रुपये के EPC टेंडर में कुल 10 बोलियां प्राप्त हुई हैं। इन सभी एजेंसियों की तकनीकी बोली का मूल्यांकन किया जा रहा है।
तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद योग्य बोलीदाताओं की वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी। इसके बाद परियोजना के निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जमीन और पर्यावरण मंजूरी की बड़ी अड़चन दूर
परियोजना की प्रगति को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में बताया गया कि इसके लिए जरूरी जमीन सरकार के नियंत्रण में आ चुकी है। इसके अलावा पर्यावरण संबंधी मंजूरी भी हासिल हो चुकी है।
PRAGATI और Project Monitoring Group की बैठक हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में परियोजना की स्थिति की समीक्षा की गई और निर्माण से जुड़ी प्रगति पर चर्चा हुई।
पहले चरण में 1,605 एकड़ में होगा विकास
IMC के पहले चरण में करीब 1,605 एकड़ क्षेत्र में विकास कार्य किए जाने की योजना है। इसमें सड़क, सीवरेज और जलापूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण शामिल होगा।
इसके अलावा औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के साथ आवासीय, संस्थागत और सार्वजनिक या अर्ध-सार्वजनिक क्षेत्र भी विकसित किए जाने हैं। परियोजना में हरित क्षेत्र, जल निकाय, सड़कें और अन्य उपयोगिता सेवाओं के लिए भी जगह निर्धारित की गई है।
बड़े निवेश की संभावना
अधिकारियों के अनुसार हिसार IMC में करीब 32,417 करोड़ रुपये के निवेश की क्षमता बताई गई है। इसका उद्देश्य हिसार को मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है।
परियोजना को AKIC के तहत देश में प्रस्तावित 12 Industrial Smart Cities में शामिल किया गया है। हिसार एयरपोर्ट के पास इसकी लोकेशन और सड़क एवं रेल नेटवर्क से कनेक्टिविटी को भी औद्योगिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
करीब 1.25 लाख रोजगार की संभावना
प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार हिसार IMC में औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार के भी बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं। परियोजना में लगभग 1.25 लाख रोजगार पैदा करने की क्षमता बताई गई है।
इसके विकसित होने के बाद मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स के साथ-साथ इससे जुड़ी अन्य सेवाओं में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। हालांकि रोजगार की वास्तविक संख्या परियोजना के क्रियान्वयन और भविष्य में आने वाली औद्योगिक इकाइयों पर निर्भर करेगी।
सड़क और ग्रीन एरिया पर भी जोर
परियोजना के प्लान में बुनियादी ढांचे के साथ पर्यावरण और हरित क्षेत्र के लिए भी जगह रखी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार सड़क और यूटिलिटी सेवाओं के लिए कुल क्षेत्र का करीब 15.82 प्रतिशत, जबकि ग्रीन एरिया और जल निकायों के लिए करीब 15.11 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित है।
अब निर्माण प्रक्रिया की ओर बढ़ेगा प्रोजेक्ट
हिसार के उद्योग जगत और स्थानीय निर्माताओं की ओर से इस परियोजना को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। अब तकनीकी बोली में 10 एजेंसियों के योग्य होने के बाद परियोजना निर्माण प्रक्रिया की ओर आगे बढ़ रही है।
वित्तीय बोली खुलने और EPC एजेंसी के चयन के बाद जमीन पर बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कार्य शुरू होने की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।
