• Mon. Sep 14th, 2026

DUSU चुनाव में NSUI के दो बागी निर्दलीय मैदान में, टिकट न मिलने के बाद बढ़ी संगठन की मुश्किलें

14 सितंबर, 2026  दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 को लेकर कैंपस में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के दो सदस्य संगठन का टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर गए हैं। इससे NSUI के सामने अपने ही संगठन से जुड़े बागी उम्मीदवारों की चुनौती खड़ी हो गई है।

टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उतरे दो उम्मीदवार

DUSU चुनाव में NSUI ने केंद्रीय पैनल के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। संगठन ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर छत्रथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को मैदान में उतारा है।

हालांकि, संगठन के आधिकारिक पैनल में जगह नहीं बना पाने वाले दीपांशु शोकीन और विशेष यादव ने चुनाव से पीछे हटने के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने का फैसला किया। दीपांशु शोकीन उपाध्यक्ष पद और विशेष यादव संयुक्त सचिव पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

NSUI के लिए वोट बंटने की चुनौती

एक ही संगठन से जुड़े उम्मीदवारों के अलग-अलग नामों से चुनाव लड़ने की स्थिति में वोटों के बंटने की संभावना रहती है। DUSU जैसे चुनाव में जहां छात्र संगठनों के बीच मुकाबला पहले से ही कड़ा रहता है, वहां बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी आधिकारिक पैनल के लिए चुनौती बन सकती है।

हाल के वर्षों में भी छात्र संगठनों के टिकट से वंचित रहे कई उम्मीदवारों ने निर्दलीय या दूसरे संगठनों के समर्थन से चुनाव लड़ना जारी रखा है। इससे प्रमुख छात्र संगठनों के वोट बैंक में विभाजन की स्थिति बनती रही है।

18 सितंबर को होगा DUSU चुनाव

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के 2026 चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को होना है, जबकि मतगणना 19 सितंबर को की जाएगी। इस बार अध्यक्ष पद के लिए सात उम्मीदवार, उपाध्यक्ष पद के लिए पांच उम्मीदवार तथा सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए चार-चार उम्मीदवार मैदान में हैं।

चुनाव में ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन समेत कई छात्र संगठन सक्रिय हैं। ऐसे में हर उम्मीदवार अपने समर्थन को मजबूत करने और छात्रों तक अपने मुद्दे पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

NSUI ने पहले ही घोषित किया अपना पैनल

NSUI ने अपने केंद्रीय पैनल के जरिए छात्र हितों को चुनाव अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाने की बात कही है। संगठन ने बेहतर, सुरक्षित और समृद्ध दिल्ली विश्वविद्यालय बनाने पर जोर दिया है।

वहीं, ABVP ने भी अध्यक्ष पद के लिए यश डबास समेत चार उम्मीदवारों की घोषणा की है। AISA-SFI गठबंधन ने अध्यक्ष पद के लिए अनन्या रतूड़ी को उम्मीदवार बनाया है। इससे इस बार का DUSU चुनाव बहुकोणीय मुकाबले में बदल गया है।

छात्र मुद्दों पर भी रहेगी नजर

इस बार DUSU चुनाव में छात्रावास, सुरक्षित आवास, कैंपस सुरक्षा, शिक्षा और छात्र सुविधाएं प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। हाल ही में सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत के बाद छात्र आवास और सुरक्षा का मुद्दा चुनाव अभियान में और महत्वपूर्ण हो गया है।

छात्र संगठनों की ओर से हॉस्टल की संख्या बढ़ाने, सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने और कैंपस सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

NSUI के सामने संगठनात्मक चुनौती

दो NSUI सदस्यों का निर्दलीय चुनाव लड़ना संगठन के लिए केवल चुनावी चुनौती नहीं बल्कि आंतरिक समन्वय का मुद्दा भी माना जा रहा है। हालांकि, निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी का अंतिम चुनाव परिणाम पर कितना असर पड़ेगा, यह मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल सभी प्रमुख छात्र संगठन अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार तेज कर रहे हैं। 18 सितंबर को होने वाले मतदान में छात्र किसे अपना समर्थन देते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *