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मढ-वर्सोवा केबल-स्टेड पुल परियोजना को बॉम्बे हाईकोर्ट की मंजूरी, 21 किमी का सफर घटकर करीब 1.5 किमी होगा

10 सितंबर 2026:  मुंबई के मढ और वर्सोवा को जोड़ने वाली लंबे समय से प्रस्तावित cable-stayed bridge परियोजना को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है। यह पुल Malad Creek के ऊपर बनाया जाना प्रस्तावित है और इसके बनने से दोनों क्षेत्रों के बीच सड़क यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है।

हाईकोर्ट ने बुधवार को BMC की उस याचिका को अनुमति दी जिसमें परियोजना के लिए mangrove trees हटाने की अनुमति मांगी गई थी। कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।

21 किलोमीटर का सफर करीब 1.5 किमी होगा

मौजूदा समय में मढ से वर्सोवा जाने के लिए करीब 21 किलोमीटर का सड़क मार्ग तय करना पड़ता है। प्रस्तावित पुल के बनने के बाद यह दूरी करीब 1.5 किलोमीटर रह जाएगी।

कोर्ट के आदेश में कहा गया कि यात्रा का समय लगभग डेढ़ घंटे से घटकर करीब पांच मिनट तक हो सकता है। इससे क्षेत्र में connectivity बेहतर होने और traffic congestion कम होने की उम्मीद है।

1,237 mangrove trees हटाने की अनुमति

परियोजना के लिए करीब 2.7515 hectare क्षेत्र में 1,237 mangrove trees हटाने की अनुमति दी गई है। पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए compensatory afforestation और mangrove restoration की योजनाएं भी रखी गई हैं।

BMC की ओर से बताया गया कि Thane district में करीब 9 hectare क्षेत्र में compensatory mangrove afforestation के लिए राशि जमा की गई है। इसके अलावा 2.5 hectare क्षेत्र में in-situ mangrove restoration का प्रस्ताव है।

पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन पर जोर

पर्यावरण समूह ने परियोजना के लिए compensatory measures की पर्याप्तता पर सवाल उठाए थे। इसके बावजूद कोर्ट ने संबंधित पर्यावरणीय और regulatory permissions की शर्तों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को आगे बढ़ने का रास्ता दिया।

प्रस्तावित पुल की road length करीब 2,064 मीटर बताई गई है। BMC के अनुसार यह Mumbai road network की एक महत्वपूर्ण missing link को पूरा करेगा और इससे traffic congestion, travel time तथा vehicle pollution में कमी आ सकती है।

मढ-वर्सोवा पुल के बनने से पश्चिमी मुंबई के इस हिस्से में रहने वाले लोगों को बेहतर connectivity मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना के दौरान पर्यावरणीय शर्तों का पालन करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।

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