9 सितंबर 2026: महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक में 10 दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स मंगलवार से शुरू हो गया। यह कोर्स ‘India’s Green Economy Transition and Sustainable Development: Concepts, Tools and Policy Applications’ विषय पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम को इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) ने प्रायोजित किया है और इसका आयोजन MDU के Department of Economics की ओर से किया जा रहा है।
ग्रीन इकोनॉमी और सतत विकास पर फोकस
कोर्स के दौरान ग्रीन इकोनॉमी, सतत विकास और इनसे जुड़े विभिन्न शोध विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य शोधकर्ताओं को आधुनिक रिसर्च मेथडोलॉजी, जरूरी टूल्स और नीति से जुड़े विषयों को समझने में मदद करना है।
MDU की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम 8 से 18 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कुलपति ने ग्रीन इकोनॉमी को बताया व्यापक विषय
कोर्स के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता MDU के कुलपति मिलाप पुनिया ने की। उन्होंने कहा कि ग्रीन इकोनॉमी को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। इसका संबंध सतत आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर पैदा करने, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने से भी है।
उन्होंने शोधकर्ताओं को पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन को ध्यान में रखते हुए शोध कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।
रिसर्च और इनोवेशन में योगदान पर जोर
कार्यक्रम में दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स के कुलपति डॉ. अमित आर्या भी मौजूद रहे। उन्होंने शोधकर्ताओं से प्रकृति के साथ सामंजस्य रखते हुए रचनात्मक शोध करने और रिसर्च एवं इनोवेशन के जरिए देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शोध केवल अकादमिक गतिविधि तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका इस्तेमाल समाज और देश के विकास के लिए भी किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञ ने रिसर्च मेथडोलॉजी पर दी जानकारी
उद्घाटन कार्यक्रम में MNIT जयपुर के प्रोफेसर राजेश कुमार ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने ग्रीन इकोनॉमी, सतत विकास और रिसर्च मेथडोलॉजी से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को शोध की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से समझने और विभिन्न शोध उपकरणों के प्रभावी इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर जानकारी मिलने की उम्मीद है।
शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी पहल
10 दिवसीय यह कोर्स खास तौर पर सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में शोध करने वाले शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रीन इकोनॉमी और सतत विकास जैसे विषय वर्तमान समय में आर्थिक नीति, रोजगार, संसाधन प्रबंधन और पर्यावरण से जुड़े कई मुद्दों से जुड़े हुए हैं।
ऐसे में शोधकर्ताओं के लिए इन विषयों को रिसर्च मेथडोलॉजी और नीति अनुप्रयोगों के साथ समझना उपयोगी हो सकता है।
विश्वविद्यालय में अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा
MDU की ओर से लगातार विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शोध गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। विश्वविद्यालय के आधिकारिक कार्यक्रम विवरण में भी ICSSR प्रायोजित इस 10 दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी कोर्स को दर्ज किया गया है।
इस तरह के कार्यक्रम शोधकर्ताओं को विशेषज्ञों के साथ संवाद करने और शोध की नई पद्धतियों से परिचित होने का अवसर प्रदान करते हैं।
सतत विकास पर शोध को मिलेगा बढ़ावा
ग्रीन इकोनॉमी का उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना है। सतत विकास भी इसी व्यापक सोच से जुड़ा है। ऐसे विषयों पर शोध के जरिए नीतियों और विकास की रणनीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
