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हरियाणा में अपराध नहीं रुका तो थाना प्रभारियों पर गिरेगी गाज, DGP अजय सिंघल ने दिए निलंबन के निर्देश

9 सितंबर 2026:  हरियाणा में बढ़ते अपराध पर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपने थाना क्षेत्रों में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने वाले गैर-प्रदर्शनकारी थाना प्रभारियों (SHOs) के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर ऐसे थाना प्रभारियों को निलंबित भी किया जा सकता है।

DGP ने कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही, जिम्मेदारी से बचने या खराब प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी थाना क्षेत्र में अपराध की घटनाएं बढ़ती हैं तो केवल SHO ही नहीं, बल्कि संबंधित पर्यवेक्षण अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

करीब तीन घंटे चली वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक

अजय सिंघल ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की। इसमें प्रदेश के ADGP, IGP, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

बैठक में हरियाणा में अपराध की स्थिति की थाना स्तर पर विस्तृत समीक्षा की गई। DGP ने अधिकारियों को केवल अपराध के आंकड़े जुटाने के बजाय यह पता लगाने के निर्देश दिए कि किसी विशेष क्षेत्र में कौन-से अपराध बढ़ रहे हैं और इसके पीछे क्या कारण हैं।

हर थाने की होगी माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग

DGP ने पुलिस अधिकारियों को हर थाना क्षेत्र की माइक्रो लेवल मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि वे अपराध की श्रेणीवार और थाना-वार समीक्षा करें।

पुलिस को यह भी देखना होगा कि जिन इलाकों में किसी खास प्रकार के अपराध में वृद्धि हुई है, वहां पहले से कौन-से preventive measures अपनाए गए थे और उनका कितना असर हुआ।

उन्होंने कहा कि केवल अपराध के आंकड़े तैयार करना पर्याप्त नहीं है। आंकड़ों का वैज्ञानिक और तथ्यात्मक विश्लेषण कर अपराध के कारणों को समझना और उसी के आधार पर रणनीति तैयार करना जरूरी है।

अपराध बढ़ा तो SHO के साथ सुपरवाइजरी अफसर भी जिम्मेदार

DGP अजय सिंघल ने जवाबदेही को थाना प्रभारी तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में अपराध लगातार बढ़ता है तो संबंधित सुपरवाइजरी अधिकारी की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।

SP, CP और ADGP स्तर के अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के थानों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने और SHOs के साथ लगातार बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपराध रोकने की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।

हरियाणा में कुल BNS अपराध में 9.11% कमी

बैठक के दौरान DGP ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में हरियाणा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज कुल अपराध में 9.11 प्रतिशत की कमी आई है।

हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को केवल कुल अपराध के आंकड़ों से संतुष्ट नहीं होने की सलाह दी। उनका जोर इस बात पर रहा कि अलग-अलग अपराधों और अलग-अलग थाना क्षेत्रों में होने वाले बदलावों का विश्लेषण किया जाए, ताकि अपराध बढ़ने की स्थिति में समय रहते रोकथाम के कदम उठाए जा सकें।

CCTNS डेटा के इस्तेमाल पर जोर

DGP ने अपराध के रुझानों को समझने के लिए Crime and Criminal Tracking Network and Systems (CCTNS) के डेटा का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए।

पुलिस अधिकारियों को संभावित क्राइम हॉटस्पॉट की पहचान करने, वहां अपराध बढ़ने के कारणों को समझने और स्थानीय स्तर पर प्रभावी रणनीति तैयार करने को कहा गया है। छोटे अपराधों की भी अनदेखी न करने पर जोर दिया गया, क्योंकि समय रहते कार्रवाई से इन्हें गंभीर या संगठित अपराध में बदलने से रोका जा सकता है।

साइबर अपराध पर भी सख्ती

बैठक में साइबर अपराध की स्थिति की भी समीक्षा की गई। DGP ने लंबित साइबर शिकायतों और जांच को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

पुलिस को पात्र मामलों में शिकायतों को FIR में बदलने, साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और ठगी से गई रकम को फ्रीज कराने तथा रिकवर करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बरामद धनराशि को जल्द से जल्द पीड़ितों तक वापस पहुंचाना भी प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए गए।

धमकी भरे कॉल और फायरिंग की घटनाओं पर भी नजर

बैठक में धमकी भरे कॉल, फायरिंग की घटनाओं और अन्य गंभीर अपराधों को लेकर भी समन्वित रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। ADGP, CID सौरभ सिंह ने ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जरूरत बताई।

सोशल मीडिया की अफवाहों पर भी तत्काल कार्रवाई

पुलिस को सोशल मीडिया के जरिए अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के प्रयासों पर भी तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि ऐसी गतिविधियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

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