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हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र खत्म, 15 बिल पास; कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

4 सितंबर 2026 हरियाणा विधानसभा का दूसरा मानसून सत्र समाप्त हो गया है। 15वीं हरियाणा विधानसभा के इस सत्र में सार्वजनिक हित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सत्र के दौरान कुल 15 बिल चर्चा के बाद पारित किए गए। मानसून सत्र की शुरुआत 27 अगस्त को हुई थी और यह 1 सितंबर तक चला।

15 बिल चर्चा के बाद हुए पास

विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 15 बिल सदन में पेश किए गए और चर्चा के बाद सभी को पारित कर दिया गया। सरकार के अनुसार, सदन का इस्तेमाल जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा और विधायी कार्यों के लिए प्रभावी ढंग से किया गया।

इन विधेयकों में राज्य के प्रशासन, वित्तीय प्रावधानों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कानूनों में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव शामिल रहे।

अंतिम दिन 11 बिल हुए पारित

सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में 11 महत्वपूर्ण बिल चर्चा के बाद पारित किए गए। इनमें हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 भी शामिल था। इस विधेयक के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य की संचित निधि से ₹7,136.63 करोड़ तक की राशि के भुगतान और विनियोग को अधिकृत किया गया।

अंतिम दिन पारित विधेयकों में हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, 2026 भी शामिल रहा। इसके अलावा कारोबार और जीएसटी से संबंधित विधायी प्रावधानों पर भी सदन में चर्चा हुई।

जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

मानसून सत्र के दौरान सदस्यों ने कई ऐसे मुद्दे उठाए जिनका संबंध राज्य के लोगों से सीधे तौर पर है। सरकार और विपक्ष के सदस्यों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

कुछ मौकों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। इसके बावजूद विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायी कामकाज आगे बढ़ता रहा और विभिन्न विधेयकों को चर्चा के बाद मंजूरी दी गई।

सदन में कई बार रहा गर्म माहौल

मानसून सत्र के दौरान कुछ मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद भी सामने आए। कई अवसरों पर सदन का माहौल गर्म रहा और दोनों पक्षों के बीच तीखे आदान-प्रदान की स्थिति बनी।

सत्र के शुरुआती दिन विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों और सुरक्षा कर्मचारियों के बीच हुए कथित विवाद को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मामले पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो फुटेज से स्थिति स्पष्ट होने की बात कही थी।

सरकार ने विधायी कामकाज को बताया महत्वपूर्ण

सत्र की समाप्ति के बाद सरकार की ओर से कहा गया कि विधानसभा में सार्वजनिक हित से जुड़े विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई। सरकार के अनुसार, सदन ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ विधायी कार्यों को भी आगे बढ़ाया।

विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण की भूमिका का भी उल्लेख किया गया। सरकार की ओर से कहा गया कि अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विपक्ष ने भी उठाए कई मुद्दे

मानसून सत्र में विपक्ष ने सरकार की नीतियों और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। सत्ता पक्ष की ओर से इन मुद्दों पर जवाब दिए गए।

विधानसभा लोकतांत्रिक बहस और जनता से जुड़े विषयों को सदन के सामने रखने का प्रमुख मंच है। ऐसे में सत्र के दौरान हुई चर्चाओं को राज्य की आगामी नीतियों और प्रशासनिक फैसलों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वित्तीय मामलों पर भी फैसले

सत्र के दौरान पारित विधेयकों में वित्तीय प्रावधानों से संबंधित विधेयक भी शामिल रहे। हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 के जरिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की संचित निधि से ₹7,136.63 करोड़ के भुगतान और विनियोग को अधिकृत किया गया।

इसके अलावा सदन में अल्पसंख्यक आयोग और कारोबार से जुड़े विधेयकों सहित अन्य विधायी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।

सत्र के दौरान सरकार की कई घोषणाएं भी सामने आईं

मानसून सत्र के दौरान शिक्षा और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में रहे। सरकार ने विश्वविद्यालयों में काम कर रहे गेस्ट फैकल्टी को सेवा सुरक्षा देने के लिए New Service Security Act 2026 लाने की दिशा में कदम उठाने की जानकारी भी सदन में दी। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बताया कि इस संबंध में गठित समिति ने गेस्ट फैकल्टी को सेवा सुरक्षा देने की सिफारिश की है।

मानसून सत्र का समापन

27 अगस्त से शुरू हुआ हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 1 सितंबर को समाप्त हुआ। सत्र के दौरान कुल 15 बिलों को चर्चा के बाद पारित किया गया। सदन में कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर बहस हुई और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच कई बार तीखी राजनीतिक बहस भी देखने को मिली।

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