• Fri. Sep 4th, 2026

एशियन गेम्स से पहले भारतीय बॉक्सरों को मिला बड़ा अनुभव, ओलंपिक पदक विजेता पिनालेस NIS पटियाला कैंप से जुड़े

3 सितंबर 2026 एशियन गेम्स की तैयारी के लिए NIS पटियाला में भारतीय बॉक्सरों के साथ ट्रेनिंग कर रहे ओलंपिक पदक विजेता क्रिस्टियन पिनालेस, डोमिनिकन रिपब्लिक और ईरान के मुक्केबाज भी कैंप में शामिल

पटियाला: एशियन गेम्स के करीब आने के साथ भारतीय बॉक्सिंग टीम की तैयारियां तेज हो गई हैं। पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS) में भारतीय मुक्केबाजों का गहन प्रशिक्षण कैंप चल रहा है, जहां खिलाड़ी अपनी तकनीक और प्रदर्शन को बेहतर करने में जुटे हैं। इसी कैंप में विदेशी मुक्केबाजों की मौजूदगी ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए तैयारी को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

डोमिनिकन रिपब्लिक के ओलंपिक पदक विजेता क्रिस्टियन पिनालेस भी NIS पटियाला में भारतीय बॉक्सरों के साथ ट्रेनिंग करने पहुंचे हैं। उनके साथ डोमिनिकन रिपब्लिक के अन्य मुक्केबाज और ईरान के खिलाड़ी भी कैंप का हिस्सा बने हैं। विदेशी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास से भारतीय मुक्केबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौती के लिए खुद को तैयार करने का मौका मिल रहा है।

एशियन गेम्स से पहले NIS पटियाला में जोरदार तैयारी

भारतीय बॉक्सिंग दल एशियन गेम्स में मजबूत प्रदर्शन करने के लक्ष्य के साथ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है। NIS पटियाला में चल रहे कैंप में खिलाड़ियों का ध्यान तकनीक, फिटनेस और मुकाबले की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने पर है।

विदेशी मुक्केबाजों के साथ ट्रेनिंग भारतीय खिलाड़ियों को अलग-अलग बॉक्सिंग शैलियों और रणनीतियों के खिलाफ अभ्यास करने का अवसर दे रही है। ऐसे मुकाबले खिलाड़ियों को बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले अपनी कमजोरियों को पहचानने और उन्हें सुधारने में मदद कर सकते हैं।

ओलंपिक पदक विजेता क्रिस्टियन पिनालेस भी कैंप में शामिल

डोमिनिकन रिपब्लिक के क्रिस्टियन पिनालेस 90 किलोग्राम वर्ग के मुक्केबाज हैं और उनके पास ओलंपिक स्तर का अनुभव है। उनका NIS पटियाला कैंप में शामिल होना भारतीय खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पिनालेस ने हाल ही में सेंट्रल अमेरिकन एंड कैरेबियन गेम्स में क्यूबा के दो बार के ओलंपिक चैंपियन जूलियो सीजर ला क्रूज को हराया था। ऐसे मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी के साथ ट्रेनिंग भारतीय मुक्केबाजों के लिए उच्च स्तर का अभ्यास साबित हो सकती है।

डोमिनिकन रिपब्लिक की टीम भी पहुंची

पिनालेस के अलावा डोमिनिकन रिपब्लिक के जूनियर अल्कांतारा, जो 55 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं, भी NIS पटियाला पहुंचे हैं। डोमिनिकन रिपब्लिक की 10 सदस्यीय टीम ने भारतीय दल के साथ ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लिया है।

इसके अलावा ईरान के मुक्केबाज भी भारतीय टीम के साथ अभ्यास कर रहे हैं। विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी से कैंप का स्तर और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल दोनों बढ़ा है।

भारतीय खिलाड़ियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों जैसा अनुभव

बड़े टूर्नामेंट से पहले अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करना मुक्केबाजों के लिए उपयोगी होता है। इससे उन्हें अलग-अलग तकनीक, फुटवर्क और मुकाबले के तरीकों को समझने का मौका मिलता है।

NIS पटियाला में विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय मुक्केबाजों को अपनी रणनीति को परखने और मुकाबले के दौरान तेजी से बदलाव करने की क्षमता विकसित करने में मदद कर सकती है। एशियन गेम्स में उन्हें मजबूत एशियाई खिलाड़ियों का सामना करना होगा, इसलिए यह कैंप तैयारी के लिहाज से अहम है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय बॉक्सरों का अच्छा प्रदर्शन

भारतीय बॉक्सिंग टीम ने हाल में ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। पुरुष वर्ग में सचिन ने 60 किलोग्राम और अंकुश पंघाल ने 80 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीते थे। भारतीय महिला मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

इन प्रदर्शनों के बाद भारतीय बॉक्सिंग टीम से एशियन गेम्स में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ी हैं। NIS पटियाला का कैंप इसी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जापान में भी होगा अगला ट्रेनिंग कैंप

NIS पटियाला में चल रहे कैंप के बाद भारतीय टीम के 8 सितंबर को जापान जाने की संभावना है। वहां एक और प्रशिक्षण कैंप आयोजित किया जाना है, जिसमें संभावित एशियन गेम्स प्रतिद्वंद्वियों के साथ तैयारी का अवसर मिल सकता है।

इससे भारतीय मुक्केबाजों को प्रतियोगिता से पहले अपनी तैयारी को और मजबूत करने का मौका मिलेगा। टीम मैनेजमेंट का उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करना है।

विदेशी मुक्केबाजों की मौजूदगी से बढ़ी कैंप की अहमियत

NIS पटियाला में डोमिनिकन रिपब्लिक और ईरान के मुक्केबाजों की मौजूदगी ने भारतीय टीम के ट्रेनिंग कैंप को खास बना दिया है। ओलंपिक स्तर के अनुभव वाले पिनालेस जैसे मुक्केबाजों के साथ अभ्यास भारतीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव दे रहा है।

एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग टीम की चुनौती आसान नहीं होगी। ऐसे में टूर्नामेंट से पहले विदेशी खिलाड़ियों के साथ नियमित अभ्यास और अलग-अलग बॉक्सिंग शैलियों के खिलाफ तैयारी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *