22 अगस्त 2026 दिल्ली सरकार ने सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
प्रदूषण रोकने के लिए बड़ा फैसला
सरकार का यह कदम सर्दियों में दिल्ली की खराब होती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाली धूल को प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंधों के बावजूद कुछ जगहों पर निर्माण कार्य जारी रहे थे। इस बार नियमों के पालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
AI कैमरों से होगी निगरानी
सरकार के मुताबिक 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों की रियल-टाइम निगरानी दिल्ली सरकार के डस्ट पोर्टल और AI-सक्षम कैमरों के जरिए की जाएगी। इन कैमरों से मिलने वाले अलर्ट सरकार के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर तक पहुंचेंगे।
नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों के खिलाफ नोटिस, चेतावनी और जुर्माने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
डस्ट पोर्टल से बढ़ेगी निगरानी
दिल्ली सरकार ने जुलाई में AI-powered Dust Portal 2.0 लॉन्च किया था। इस सिस्टम में GIS मैपिंग, लाइव 360-डिग्री PTZ कैमरे, PM10 और PM2.5 सेंसर तथा AI आधारित एनालिटिक्स शामिल हैं।
इसका उद्देश्य निर्माण और तोड़फोड़ वाली जगहों पर धूल प्रदूषण की निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
औद्योगिक इकाइयों पर भी कार्रवाई
सरकार ने निर्माण गतिविधियों के साथ-साथ औद्योगिक प्रदूषण पर भी कार्रवाई तेज की है। जनवरी से जुलाई के बीच 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 106 इकाइयां निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं कर रही थीं, जबकि 78 के पास वैध Consent to Operate नहीं था।
