22 अगस्त 2026 : हरियाणा सरकार के फंड से कथित तौर पर करोड़ों रुपये के गबन से जुड़े IDFC First Bank घोटाला मामले में अदालत ने कथित ‘मास्टरमाइंड’ की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जांच में सामने आया है कि गबन की गई रकम का एक हिस्सा डांसरों पर भी खर्च किया गया था।
सरकारी फंड के गबन का आरोप
मामला हरियाणा सरकार के विभाग से जुड़े फंड की कथित हेराफेरी से संबंधित है। आरोप है कि आरोपियों ने बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी खातों से जुड़ी प्रक्रिया का फायदा उठाकर सरकारी धन को गलत तरीके से दूसरे खातों में ट्रांसफर किया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में बड़ी रकम का कथित तौर पर गबन किया गया और उसे अलग-अलग तरीकों से खर्च किया गया।
डांसरों पर भी खर्च हुई रकम
जांच के दौरान कथित तौर पर यह जानकारी सामने आई कि गबन की रकम का इस्तेमाल डांसरों को भुगतान करने और निजी मौज-मस्ती पर भी किया गया। जांचकर्ताओं ने पैसों के लेनदेन और खर्च से जुड़े रिकॉर्ड को मामले का अहम हिस्सा माना है।
‘मास्टरमाइंड’ की जमानत याचिका खारिज
मामले में आरोपी व्यक्ति ने अदालत से जमानत की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत के समक्ष जांच एजेंसी ने आरोपी की भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज पेश किए। जांच अभी जारी है और मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बैंक खातों और लेनदेन की जांच
जांच एजेंसियां कथित घोटाले में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, पैसों के ट्रांसफर और रकम के अंतिम इस्तेमाल की जांच कर रही हैं। इसके अलावा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी फंड की कथित हेराफेरी में कितने लोग शामिल थे।
मामले में आगे की जांच के दौरान और भी वित्तीय लेनदेन सामने आने की संभावना है।
आरोप साबित होना अभी बाकी
अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी दोषी साबित हो गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।
