6 अक्टूबर 2026 हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंदर कल्याण ने सोमवार को करनाल जिले में धान खरीद की व्यवस्थाओं और चल रही खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने जिला उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा के साथ बैठक कर अधिकारियों से खरीद व्यवस्था की जानकारी ली और निर्देश दिए कि मंडियों में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों के साथ खरीद व्यवस्था पर चर्चा
विधानसभा स्पीकर ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ धान खरीद की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने और किसानों के लिए मंडियों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
हरविंदर कल्याण ने कहा कि धान खरीद के दौरान किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि खरीद प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत न आए।
राइस मिलर्स ने भी रखी अपनी समस्याएं
बैठक के दौरान करनाल जिले के राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी विधानसभा स्पीकर से मुलाकात की। उन्होंने धान खरीद से जुड़ी अपनी समस्याओं और लंबित मामलों की जानकारी दी।
राइस मिलर्स ने बताया कि करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन धान/चावल की डिलीवरी और अनुमति का मामला लंबित है। उनके अनुसार, इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिलना अभी बाकी है और इस वजह से मिलर्स के सामने परेशानी बनी हुई है।
स्पीकर हरविंदर कल्याण ने मिलर्स की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को संबंधित स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने मामले का जल्द समाधान कराने के लिए प्रयास करने की बात कही।
किसानों के हितों को प्राथमिकता
हरविंदर कल्याण ने कहा कि किसान देश के लिए अन्न उपलब्ध कराने वाले महत्वपूर्ण वर्ग हैं और खरीद सीजन के दौरान उनके हितों की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने राइस मिलर्स से भी प्रशासन को सहयोग देने की अपील की, ताकि मंडियों में खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के चलती रहे।
उन्होंने मिलर्स से कहा कि किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खरीद, उठान और अन्य प्रक्रियाओं में सहयोग से ही पूरे सीजन को सुचारू तरीके से पूरा किया जा सकता है।
प्रशासन ने दिया पूरा सहयोग का भरोसा
जिला उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने भी राइस मिलर्स को जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने मिलर्स से खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने और अनावश्यक देरी से बचने की अपील की।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि मंडियों में आने वाले किसानों की फसल की खरीद समय पर हो और उन्हें लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
पहले भी नमी बनी थी खरीद में चुनौती
हरियाणा में इस सीजन धान की खरीद निर्धारित समय से पहले शुरू की गई थी। शुरुआती दिनों में कई मंडियों में धान में अधिक नमी खरीद प्रक्रिया के लिए चुनौती बनी थी। 30 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, करनाल जिले की विभिन्न मंडियों में करीब 470 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी थी, जिसमें करनाल शहर, इंद्री, कुंजपुरा और जुण्डला की मंडियां शामिल थीं।
ऐसे में प्रशासन के सामने किसानों की फसल की समय पर खरीद के साथ-साथ उठान और मिलिंग से जुड़े मामलों को भी व्यवस्थित रखने की चुनौती है।
मिलर्स ने सहयोग का दिया भरोसा
बैठक के बाद राइस मिलर्स ने विधानसभा स्पीकर और जिला उपायुक्त को भरोसा दिलाया कि वे सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में धान खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी सहयोग किया जाएगा।
कुल मिलाकर, करनाल में धान खरीद सीजन के बीच विधानसभा स्पीकर हरविंदर कल्याण ने अधिकारियों और राइस मिलर्स के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने किसानों को मंडियों में किसी तरह की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए, जबकि राइस मिलर्स ने करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन लंबित डिलीवरी और केंद्र से अनुमति से जुड़ा मुद्दा उठाया।
