20 अगस्त 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की बेटियां अब किसी से कम नहीं हैं और हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। धूरी में आयोजित ‘तीयां दा मेला’ के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण और शासन में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया।
23 में से 9 जिलों में महिला DC
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के कुल 23 जिलों में से 9 जिलों में महिला डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यरत हैं। इसके अलावा 8 जिलों में महिला सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) हैं।
मान ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि अगर लड़कियों को अवसर दिया जाए तो वे जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकती हैं।
75 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 75 लाख से अधिक महिलाओं को ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत हर महीने ₹1,000 से ₹1,500 तक की आर्थिक सहायता मिल रही है।
उन्होंने बताया कि 75.24 लाख माताओं और बहनों को सम्मान राशि मिल चुकी है और बाकी पात्र महिलाओं को भी जल्द यह राशि दी जाएगी।
29 हजार स्वयं सहायता समूहों को ₹631 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 3 लाख महिलाएं 29,000 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हैं। इन समूहों से जुड़ी महिलाओं को सरकार की ओर से ₹631 करोड़ के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए गए हैं।
शासन और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी जरूरी
भगवंत मान ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पंजाब को अग्रणी राज्य नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शासन, अर्थव्यवस्था और राजनीति में बराबर अवसर मिलने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और अपनी पहचान व आत्मविश्वास को मजबूत करने का अवसर देते हैं।
69 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की रोजगार नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को मेरिट के आधार पर 69,000 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में महिलाओं की बढ़ती प्रशासनिक भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की नीतियों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलने से राज्य के विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
