13 अगस्त, 2026 : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड्स मिशन (PSRLM) की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अदालत ने चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को दिए गए अंकों में प्रथमदृष्टया कुछ अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह आदेश जारी किया। मामले में अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा है।
याचिका में चयन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को दिए गए अंकों और उनकी मेरिट को लेकर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि चयन प्रक्रिया में निर्धारित मानदंडों का समान रूप से पालन नहीं किया गया और कुछ उम्मीदवारों को दिए गए अंकों में अंतर दिखाई देता है।
हाईकोर्ट ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री का अवलोकन किया। अदालत ने पाया कि चयन प्रक्रिया में अंकों के आवंटन को लेकर प्रथमदृष्टया कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की आवश्यकता है। इसके बाद अदालत ने फिलहाल चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी।
PSRLM ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण समुदायों से जुड़ी योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मिशन के तहत विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाती हैं और इन पदों के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवार आवेदन करते हैं।
मामले में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई मेरिट सूची में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। याचिका में चयन के लिए अपनाए गए मूल्यांकन मानदंड और उम्मीदवारों को दिए गए अंकों की दोबारा जांच की मांग की गई है।
अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश का प्रभाव यह है कि फिलहाल संबंधित चयन प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी, जब तक अदालत मामले में आगे निर्देश जारी नहीं करती।
अदालत की ओर से चयन प्रक्रिया पर रोक लगाया जाना अंतिम रूप से यह साबित नहीं करता कि भर्ती में भ्रष्टाचार या जानबूझकर गड़बड़ी हुई है। फिलहाल अदालत ने केवल प्रथमदृष्टया सामने आई विसंगतियों को देखते हुए प्रक्रिया पर रोक लगाई है। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया में वास्तव में कोई नियम उल्लंघन हुआ था या नहीं।
याचिका में अंकों के आवंटन से संबंधित रिकॉर्ड और मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच का मुद्दा प्रमुख है। उम्मीदवारों का कहना है कि सरकारी या मिशन से जुड़ी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब संबंधित विभाग को चयन प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड और अंकों के आवंटन पर स्पष्टीकरण देना होगा। अदालत आगे की सुनवाई में यह तय कर सकती है कि भर्ती प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाए या उसमें किसी प्रकार का सुधार किया जाना आवश्यक है।
इस मामले में चयन प्रक्रिया से जुड़े उम्मीदवारों की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी। जब तक अदालत की ओर से अगला आदेश नहीं आता, भर्ती प्रक्रिया के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी।
कुल मिलाकर, PSRLM चयन प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अंकों के आवंटन से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। अब संबंधित अधिकारियों के जवाब और अदालत की आगे की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि चयन प्रक्रिया को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
