12 अगस्त, 2026 : FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) बिल को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच सरकार ने विधेयक को संसद की संयुक्त समिति (Joint Parliamentary Committee) के पास भेजने का फैसला किया है। समिति अब प्रस्तावित प्रावधानों की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट संसद के समक्ष रखेगी।
सरकार की ओर से यह कदम विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर सांसदों और अन्य पक्षों की ओर से उठाई गई चिंताओं के बीच उठाया गया है। संयुक्त समिति में विधेयक पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
संयुक्त समिति करेगी समीक्षा
संसद की संयुक्त समिति FCRA बिल के प्रावधानों की जांच करेगी। समिति संबंधित पक्षों से सुझाव और विचार भी ले सकती है तथा जरूरत के अनुसार संशोधनों की सिफारिश कर सकती है।
FCRA को लेकर क्यों है चर्चा?
FCRA कानून विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले संगठनों और संस्थाओं के लिए नियम तय करता है। प्रस्तावित बदलावों को लेकर पारदर्शिता, अनुपालन और नागरिक संगठनों पर संभावित प्रभाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
सरकार ने उठाया विचार-विमर्श का रास्ता
विधेयक को संयुक्त समिति के पास भेजे जाने से अब इसके प्रावधानों पर विस्तृत संसदीय जांच का रास्ता खुल गया है। समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के बाद बिल पर आगे की संसदीय प्रक्रिया तय होगी।
