10 अगस्त, 2026 : पंजाब के कपूरथला जिले के एक किसान ने एकीकृत सूअर और मछली पालन को अपनाकर कृषि से अतिरिक्त आमदनी का सफल मॉडल तैयार किया है। पशुपालन और मत्स्य पालन को एक साथ जोड़ने वाली इस व्यवस्था से किसान को बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है।
किसान ने पारंपरिक खेती के साथ सूअर पालन और मछली पालन को जोड़ा। इस एकीकृत मॉडल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाता है, जिससे उत्पादन लागत को नियंत्रित करने और आय के अलग-अलग स्रोत तैयार करने में मदद मिलती है।
एक ही मॉडल से कई आय के स्रोत
एकीकृत खेती में सूअर पालन और मछली पालन को आपस में जोड़ा गया है। इससे किसान को केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय पशुपालन और मत्स्य पालन से भी आमदनी प्राप्त होती है।
संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार, एकीकृत कृषि मॉडल में खेत और पशुपालन से निकलने वाले संसाधनों का उपयोग दूसरे उत्पादन चक्र में किया जा सकता है। इससे अपशिष्ट कम करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने में मदद मिलती है।
किसानों के लिए बन सकता है मॉडल
कपूरथला के किसान की सफलता को देखते हुए एकीकृत सूअर और मछली पालन अन्य किसानों के लिए भी अतिरिक्त आय का विकल्प बन सकता है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय परिस्थितियों और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर ऐसे मॉडल अपनाने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
