3 अगस्त, 2026 : हरियाणा में सामान्य से कम मानसूनी वर्षा के कारण खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा है। बारिश की कमी से धान, बाजरा, कपास और अन्य खरीफ फसलों की वृद्धि प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेतों में नमी की कमी हो रही है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
खरीफ फसलों पर असर
बारिश की कमी का सबसे अधिक प्रभाव धान और अन्य वर्षा आधारित फसलों पर पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।
कृषि विभाग की सलाह
कृषि विभाग ने किसानों को उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का संतुलित उपयोग करने और फसलों की नियमित निगरानी रखने की सलाह दी है। विभाग ने मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की भी अपील की है।
बेहतर बारिश की उम्मीद
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में मानसून सक्रिय होता है और पर्याप्त वर्षा होती है, तो फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
