2 अगस्त, 2026 : निजी स्कूलों की फीस में बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के उद्देश्य से स्कूल फीस वृद्धि को अधिकतम 5% तक सीमित करने वाला विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना और फीस निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, विधेयक में निजी स्कूलों द्वारा वार्षिक फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5% तय करने का प्रावधान किया गया है। इससे मनमानी फीस वृद्धि पर अंकुश लगाने की कोशिश की जाएगी।
फीस वृद्धि पर रहेगा नियंत्रण
प्रस्तावित विधेयक लागू होने के बाद निजी स्कूल निर्धारित सीमा से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे अभिभावकों को राहत मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बना रहेगा।
अभिभावकों को मिलेगी राहत
लंबे समय से अभिभावक संगठनों द्वारा स्कूल फीस में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई जा रही थी। सरकार का मानना है कि नया कानून इस समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
विधानसभा में होगी चर्चा
विधेयक पेश होने के बाद विधानसभा में इस पर चर्चा होगी। सदन की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
