• Sun. Jul 26th, 2026

BJP Politics: शिक्षा मंत्रालय मिलने के बाद भी फडणवीस तुरंत दिल्ली क्यों पहुंचे? महायुति मंत्री ने दिया जवाब

मुंबई 26 जुलाई 2026 : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भले ही दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई हो, लेकिन इसका महाराष्ट्र की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह दावा महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने किया। वे सांगली जिले में सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में अलमट्टी बांध, बाढ़ नियंत्रण और मराठा आरक्षण जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

‘महाराष्ट्र की राजनीति पर कोई असर नहीं’

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा छात्रों की तीनों मांगें स्वीकार किए जाने के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया है।

प्रधान के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली जाने से उन्हें केंद्र में मंत्री बनाए जाने की अटकलें लगी थीं। शिवसेना (उद्धव) नेता संजय राउत ने भी ऐसा दावा किया था। हालांकि, राधाकृष्ण विखे पाटिल ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का महाराष्ट्र की राजनीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अलमट्टी बांध और बाढ़ नियंत्रण

विखे पाटिल ने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रभावी योजना बनाई गई थी। इस बार भी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बाढ़ जैसी स्थिति रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। कर्नाटक सरकार और अलमट्टी बांध प्रशासन के साथ महाराष्ट्र सरकार लगातार संपर्क में है, ताकि बाढ़ की गंभीरता कम की जा सके और स्थायी समाधान निकाला जा सके।

मराठा आरक्षण पर सरकार का रुख

मराठा आरक्षण पर उन्होंने कहा कि हैदराबाद गजट का 100% क्रियान्वयन पूरा हो चुका है। मनोज जरांगे पाटिल के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद कई कानूनी मुद्दों का समाधान किया गया है। अब कोल्हापुर गजट लागू करने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार मराठा आरक्षण को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और फिलहाल आंदोलन की तीव्रता काफी कम हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *