23 जुलाई 2026 : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 348 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले से जुड़े मामले में पंजाब के मोहाली स्थित एक रियल एस्टेट डेवलपर और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
ईडी के सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने यह मामला संबंधित पुलिस एजेंसियों और अन्य जांच प्राधिकरणों द्वारा पहले से दर्ज एफआईआर तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर दर्ज किया है। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित घोटाले के जरिए जुटाई गई राशि को किस प्रकार विभिन्न बैंक खातों, कंपनियों, अचल संपत्तियों और अन्य निवेशों के माध्यम से इस्तेमाल या स्थानांतरित किया गया।
कई वित्तीय दस्तावेजों की होगी जांच
जांच के दौरान ईडी संबंधित डेवलपर की रियल एस्टेट परियोजनाओं, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, कंपनियों के रिकॉर्ड, संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की विस्तार से जांच करेगी। एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि कथित रूप से प्राप्त धन का उपयोग किन-किन माध्यमों से किया गया और क्या इसमें अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की भी भूमिका रही।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कई लोगों से पूछताछ की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, मामले में डेवलपर के अलावा कंपनी के निदेशकों, साझेदारों, वित्तीय सलाहकारों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसी आवश्यकता पड़ने पर बैंक अधिकारियों और परियोजना से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी दर्ज करेगी।
PMLA के तहत होगी कार्रवाई
ईडी की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने के लिए किन-किन वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। यदि जांच में धन शोधन के प्रमाण मिलते हैं, तो एजेंसी PMLA के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।
जांच जारी
फिलहाल ईडी ने मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एजेंसी विभिन्न दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है और संबंधित विभागों से अतिरिक्त जानकारी भी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में अगली कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की जैसे कदमों पर निर्णय लिया जाएगा।
