20 जुलाई 2026 : मुंबई की उपनगरीय रेल सेवा स्टाफ की भारी कमी के बीच संचालित हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, मध्य रेलवे (Central Railway) में स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 53% लोको पायलट ही कार्यरत हैं, जबकि पश्चिम रेलवे (Western Railway) में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हजारों पद अब भी रिक्त पड़े हैं।
जानकारी के मुताबिक, लोको पायलटों की कमी का असर ट्रेन संचालन और कर्मचारियों के कार्यभार पर पड़ रहा है। वहीं, सुरक्षा बल में बड़ी संख्या में रिक्त पद होने से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
रेलवे कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से रिक्त पदों को भरने की मांग की जा रही है। उनका तर्क है कि पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति से न केवल कर्मचारियों का कार्यभार कम होगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और रेल सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई जैसी व्यस्त उपनगरीय रेल प्रणाली में पर्याप्त मानव संसाधन होना बेहद जरूरी है। स्टाफ की कमी का सीधा असर परिचालन दक्षता, समयपालन और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि रिक्त पदों को भरने और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा र
