3 जुलाई 2026 : हरियाणा के सिरसा जिले के प्रसिद्ध किन्नू को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग मिल गया है। यह उपलब्धि क्षेत्र में करीब एक दशक से अपनाई जा रही वैज्ञानिक खेती, गुणवत्ता सुधार और बागवानी तकनीकों का परिणाम मानी जा रही है।
GI टैग मिलने से सिरसा के किन्नू की विशिष्ट पहचान को कानूनी संरक्षण मिलेगा। इससे नकली उत्पादों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और किसानों को बेहतर बाजार व उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
वैज्ञानिक खेती का मिला पुरस्कार
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से किसानों ने आधुनिक सिंचाई तकनीक, उन्नत पौध सामग्री, संतुलित पोषण और वैज्ञानिक बागवानी पद्धतियों को अपनाया। इसी का परिणाम है कि सिरसा का किन्नू अपनी गुणवत्ता, स्वाद और रस के लिए अलग पहचान बना चुका है।
निर्यात और आय बढ़ने की उम्मीद
GI टैग मिलने के बाद सिरसा के किन्नू की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग बढ़ने की संभावना है। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने के साथ-साथ निर्यात के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
कृषि क्षेत्र को मिलेगा प्रोत्साहन
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य बागवानी उत्पादों को भी ब्रांड पहचान दिलाने में मदद करेगी। इससे किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
