2 जुलाई 2026 : पंजाब सरकार ने अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने के बाद उनके पुनर्वास के लिए नई नीति का मसौदा तैयार किया है। इस नीति में राज्य के सरकारी विभागों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित नीति में माइंस विभाग में गार्ड पदों के लिए 20 प्रतिशत, जबकि पंजाब पुलिस में कांस्टेबल, होम गार्ड और वन विभाग के गार्ड पदों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रखा गया है।
मुख्य सचिव की मंजूरी के बाद कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव
यह नीति कार्मिक विभाग और रक्षा सेवा कल्याण विभाग की ओर से तैयार की गई है। अब इसे मुख्य सचिव की मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए पंजाब कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा
केंद्र की अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल होती है। इनमें से 25 प्रतिशत जवानों को स्थायी कैडर में शामिल किया जाता है, जबकि बाकी जवान सेवा पूरी करने के बाद बाहर आते हैं।
पंजाब में बड़ी संख्या में युवा सेना में जाते हैं
पंजाब लंबे समय से भारतीय सशस्त्र बलों में बड़ी भागीदारी वाला राज्य रहा है। सरकार का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
