26 जून 2026 : हरियाणा सरकार ने बिहार के एक किशोर को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया है। किशोर कथित रूप से बंधुआ मजदूरी का शिकार हुआ था और एक दुर्घटना में उसका एक हाथ कट जाने के कारण वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच और संबंधित तथ्यों की समीक्षा के बाद पीड़ित को आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इस सहायता का उद्देश्य उसके उपचार, पुनर्वास और भविष्य की आवश्यकताओं में सहयोग करना है।
रिपोर्टों के अनुसार, किशोर हरियाणा में काम के दौरान शोषण का शिकार हुआ था। बाद में हुई दुर्घटना में उसका हाथ काटना पड़ा, जिससे उसके जीवन और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
प्रशासन ने बताया कि पीड़ित के पुनर्वास और कानूनी अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निगरानी कर रहे हैं।
मानवाधिकार और श्रमिक संगठनों ने सरकार के मुआवजा निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों के पुनर्वास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सरकार का कहना है कि बंधुआ मजदूरी और श्रमिकों के शोषण के मामलों के प्रति उसकी शून्य सहिष्णुता की नीति है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
