11 जून 2026 : Indian Railways ने ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग करने की योजना बनाई है। इस पहल का उद्देश्य पत्थरबाजी, स्नैचिंग (झपटमारी) और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन के माध्यम से संवेदनशील रेलवे मार्गों, स्टेशनों और उन क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी जहां पहले पत्थरबाजी या अपराध की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ड्रोन से प्राप्त लाइव फुटेज सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित कार्रवाई में मदद करेगी।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य संबंधित एजेंसियां इस तकनीक का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने तथा अपराधियों पर नजर रखने के लिए करेंगी। इससे घटनाओं को रोकने और दोषियों की पहचान करने में आसानी होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक निगरानी तकनीकों के इस्तेमाल से रेलवे सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकती है। ड्रोन दूरदराज और कठिन पहुंच वाले इलाकों में भी निगरानी करने में सक्षम होते हैं, जिससे सुरक्षा तंत्र को अतिरिक्त सहायता मिलती है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ड्रोन निगरानी के साथ-साथ सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा गश्त और अन्य तकनीकी उपायों को भी मजबूत किया जा रहा है।
यदि यह पहल सफल रहती है, तो भविष्य में इसे अन्य संवेदनशील रेल मार्गों और स्टेशनों पर भी विस्तारित किया जा सकता है। रेलवे को उम्मीद है कि इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा और अपराध संबंधी घटनाओं में कमी आएगी।
