3 जून 2026 : हरजोत सिंह बैंस ने कहा है कि पंजाब के स्कूलों में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिक्षा देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है।
शिक्षा मंत्री के अनुसार, एआई आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की समझ विकसित करने और डिजिटल कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य स्कूल स्तर पर ही छात्रों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से परिचित कराना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
Artificial Intelligence आज शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और कई अन्य क्षेत्रों में तेजी से उपयोग की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई की बुनियादी जानकारी छात्रों को तकनीकी नवाचारों को समझने में मदद कर सकती है।
कंप्यूटर विज्ञान के जानकारों का कहना है कि स्कूल स्तर पर एआई और डिजिटल तकनीकों की शिक्षा से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना विकसित हो सकती है।
शिक्षा विभाग इस पहल के तहत पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधनों की रूपरेखा तैयार कर सकता है। साथ ही शिक्षकों को भी नई तकनीकों के उपयोग और शिक्षण पद्धतियों के संबंध में प्रशिक्षण दिए जाने की संभावना है।
शैक्षिक प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित शिक्षा छात्रों को भविष्य के रोजगार बाजार की मांगों के अनुरूप कौशल विकसित करने में मदद करती है।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि एआई शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग पर भी ध्यान देना आवश्यक होगा।
पंजाब में यह पहल शिक्षा क्षेत्र को आधुनिक बनाने और छात्रों को उभरती तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
यदि यह योजना प्रभावी रूप से लागू होती है, तो पंजाब उन राज्यों में शामिल हो सकता है जो स्कूल शिक्षा में एआई और डिजिटल कौशल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
