25 अप्रैल 2026 : देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य में रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई चालक मराठी नहीं जानता है तो उसके लाइसेंस पर कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
फडणवीस का कहना है कि यह कदम स्थानीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर संवाद सुविधा मिल सके।
हालांकि, इस बयान को लेकर कुछ लोगों ने चिंता भी जताई है कि इससे अन्य राज्यों से आने वाले चालकों पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भाषा को लेकर ऐसी नीतियां लागू करने से पहले सभी पक्षों को ध्यान में रखना जरूरी होता है।
सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही निर्णय लिया जाएगा।
इस बयान के बाद परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कुल मिलाकर मराठी भाषा को लेकर मुख्यमंत्री फडणवीस का यह बयान राज्य में एक महत्वपूर्ण बहस का विषय बन गया है और इसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।
