24 अप्रैल 2026 : फतेहाबाद में स्थित अशोक स्तंभ पर मौजूद करीब 700 साल पुराने शिलालेख को पढ़ने में अब आधुनिक तकनीक की मदद मिली है।
विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक का उपयोग कर इस प्राचीन शिलालेख को समझने में सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि इतिहास और पुरातत्व के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि शिलालेख समय के साथ काफी क्षतिग्रस्त हो चुका था, जिसके कारण उसे पढ़ना मुश्किल हो रहा था। एआई तकनीक ने अक्षरों को पहचानने और उनका विश्लेषण करने में मदद की, जिससे छिपी जानकारी सामने आ सकी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक के उपयोग से भविष्य में भी कई प्राचीन अभिलेखों और दस्तावेजों को समझने में मदद मिल सकती है।
यह खोज न केवल ऐतिहासिक महत्व रखती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आधुनिक तकनीक किस तरह अतीत के रहस्यों को उजागर करने में सहायक हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन और शोधकर्ताओं ने इस उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
इस पहल से यह भी उम्मीद की जा रही है कि अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर भी इसी तरह की तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
कुल मिलाकर एआई तकनीक की मदद से फतेहाबाद के अशोक स्तंभ पर मौजूद प्राचीन शिलालेख को पढ़ने में मिली सफलता इतिहास और तकनीक के संगम का बेहतरीन उदाहरण है।
