21 अप्रैल 2026 : सिरसा और फतेहाबाद में किसानों और व्यापारियों ने नए गेहूं खरीद नियमों के खिलाफ विरोध जताया है। उनका कहना है कि भुगतान में देरी और नई प्रक्रियाओं के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि मंडियों में फसल बेचने के बाद भी भुगतान समय पर नहीं हो रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने भी नई शर्तों को जटिल बताते हुए कहा कि इससे खरीद प्रक्रिया धीमी हो गई है।
स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन और बैठकों का दौर जारी है, जहां किसान और व्यापारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है, हालांकि सामने आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी का सीधा असर किसानों की आय और बाजार व्यवस्था पर पड़ता है, इसलिए समय पर भुगतान सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही भुगतान संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह मुद्दा कृषि क्षेत्र में एक बड़ी चिंता के रूप में उभर रहा है, क्योंकि इसमें किसानों और व्यापारियों दोनों के हित जुड़े हुए हैं।
कुल मिलाकर सिरसा और फतेहाबाद में गेहूं खरीद नियमों के खिलाफ उठ रहा विरोध सरकार के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है, जिसे जल्द सुलझाना जरूरी है।
