17 अप्रैल 2026 : दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत पहले चरण यानी GRAP-I की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना है।
प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ‘खराब’ स्तर पर पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया। GRAP-I के तहत धूल नियंत्रण, सड़कों की सफाई, निर्माण कार्यों पर निगरानी और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने जैसे उपाय लागू किए जाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मौसम की स्थिति, वाहनों का धुआं और निर्माण कार्य शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, लेकिन इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों और आम लोगों का सहयोग भी जरूरी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
प्रशासन ने भी विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में बदलाव हो सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी है।
कुल मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में GRAP-I लागू होने से यह स्पष्ट है कि प्रदूषण एक बार फिर गंभीर समस्या बनता जा रहा है, जिसके लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
